Delhi में भीषण गर्मी का असर, बिजली की डिमांड 8,748 MW के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची
Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण हीटवेव की वजह से बिजली की खपत ने अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोमवार, 29 जून 2026 को दोपहर 3:17 बजे दिल्ली में बिजली की डिमांड 8,748 MW तक पहुंच गई। यह अब तक की सबसे अधिक डिमांड
Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण हीटवेव की वजह से बिजली की खपत ने अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोमवार, 29 जून 2026 को दोपहर 3:17 बजे दिल्ली में बिजली की डिमांड 8,748 MW तक पहुंच गई। यह अब तक की सबसे अधिक डिमांड है, जिसने 19 जून 2024 के 8,656 MW के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
State Load Despatch Centre (SLDC) के आंकड़ों के मुताबिक, जून महीने में तीन बार बिजली की मांग 8,000 MW के पार गई है। 10 जून को यह 8,434 MW और 11 जून को 8,296 MW तक पहुंची थी। इस साल जून के पहले 29 दिनों में से 22 दिन ऐसे थे जब बिजली की मांग पिछले साल के मुकाबले ज्यादा रही। SLDC का अनुमान है कि इस गर्मी में डिमांड 9,000 MW के आंकड़े को भी पार कर सकती है।
बिजली कंपनियों का कहना है कि इतनी भारी डिमांड के बावजूद एडवांस प्लानिंग और नई तकनीक की वजह से सप्लाई स्थिर बनी हुई है। टाटा पावर और BSES जैसी कंपनियों ने मिलकर इस लोड को संभाला है।
| कंपनी/संस्था | बिजली सप्लाई/विवरण |
|---|---|
| Tata Power-DDL | 2,497 MW (रिकॉर्ड डिमांड पूरी की) |
| BSES Rajdhani (BRPL) | 3,906 MW सप्लाई की |
| BSES Yamuna (BYPL) | 1,876 MW सप्लाई की |
| ग्रीन पावर योगदान | लगभग 2,670 MW (सोलर, विंड, हाइड्रो आदि) |
| रूफटॉप सोलर प्लांट | 23,000 से ज्यादा प्लांट (420 MW उत्पादन) |
Tata Power-DDL ने बताया कि उन्होंने मशीन लर्निंग और शॉर्ट टर्म पावर खरीद के जरिए सप्लाई सुनिश्चित की। वहीं BSES ने AI और मशीन लर्निंग आधारित डिमांड फोरकास्टिंग का इस्तेमाल किया ताकि कटौती न हो। इसके अलावा, दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) ने 13 जून को बिजली खरीद की बढ़ी लागत की वसूली के लिए FPPAS सरचार्ज की अनुमति दी थी, जिसका असर उन ग्राहकों पर पड़ा जो सब्सिडी योजना के दायरे में नहीं आते।