Delhi में पहली बारिश से सरकारी इंतजाम फेल, लक्ष्मी नगर से अक्षरधाम तक भरा पानी; IMD ने जारी किया Orange Alert

Delhi: राजधानी में मानसून की पहली बारिश ने ही नगर निगम और सरकारी विभागों के दावों की पोल खोल दी है। लक्ष्मी नगर से अक्षरधाम तक की सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ा। पहली ही बारिश में जलभरा

Delhi: राजधानी में मानसून की पहली बारिश ने ही नगर निगम और सरकारी विभागों के दावों की पोल खोल दी है। लक्ष्मी नगर से अक्षरधाम तक की सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ा। पहली ही बारिश में जलभराव होने से दिल्लीवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

IMD ने शनिवार, 4 जुलाई 2026 के लिए दिल्ली के कुछ हिस्सों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले समय में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में 8 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।

सरकारी आंकड़ों की बात करें तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 17 जून को ‘फ्लड कंट्रोल ऑर्डर-2026’ जारी किया था। इसके तहत जलभराव वाले हर पॉइंट के लिए एक नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया था। सरकार ने 169 संवेदनशील जगहों और 445 हॉटस्पॉट्स की पहचान की थी, जिन्हें करीब से मॉनिटर किया जा रहा था। इसके अलावा PWD ने अपने 2,123.78 किमी के ड्रेन नेटवर्क में से 92.06% काम पूरा कर लिया था।

जलभराव रोकने के लिए सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने कुल 243 पंपों का इंतजाम किया था, जिसमें 42 फिक्स्ड और 201 मोबाइल पंप शामिल हैं। MCD ने भी दावा किया था कि उन्होंने 1.4 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 1.7 लाख मीट्रिक टन गाद (silt) निकाली है। NDMC ने भी अपने इलाके में 100% गली ट्रैप और बेल-माउथ की सफाई का दावा किया था।

इन तमाम दावों और तैयारियों के बावजूद सड़कों पर पानी जमा होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। वर्तमान में PWD मुख्यालय में 24×7 कंट्रोल रूम बनाया गया है और आपातकालीन मदद के लिए 1908 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।