Delhi के सरकारी अस्पतालों में Rabies वैक्सीन की भारी किल्लत, कोल्ड स्टोरेज की कमी से 1.27 लाख डोज अटके
Delhi: राजधानी दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में इस समय एंटी-रेबीज वैक्सीन की भारी कमी चल रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि वैक्सीन की कमी सामान न होने से नहीं, बल्कि उसे रखने की सही जगह न होने की वजह से हुई है। करीब 1.2
Delhi: राजधानी दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में इस समय एंटी-रेबीज वैक्सीन की भारी कमी चल रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि वैक्सीन की कमी सामान न होने से नहीं, बल्कि उसे रखने की सही जगह न होने की वजह से हुई है। करीब 1.27 लाख वैक्सीन की शीशियां कोल्ड स्टोरेज में जगह न होने के कारण अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाई हैं।
जानकारी के मुताबिक, Directorate General of Health Services (DGHS) ने 27 मार्च 2026 को वैक्सीन की सप्लाई का ऑर्डर दिया था। पुणे की Serum Institute ने 1,27,223 वैक्सीन की खेप तैयार रखी थी, लेकिन जब इसे भेजने की बात आई तो अड़चन आ गई। पश्चिम दिल्ली के Janakpuri स्थित Super Specialty Hospital (SSH) के सेंट्रल वेयरहाउस के स्टोरकीपर ने वैक्सीन निर्माता के प्रतिनिधियों को बताया कि वहां कोल्ड स्टोरेज में जगह नहीं है, इसलिए इस खेप को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस लापरवाही का सीधा असर दिल्ली के सरकारी अस्पतालों पर पड़ रहा है, जहां वैक्सीन की भारी किल्लत है। कुछ अस्पतालों ने स्थानीय स्तर पर छोटी मात्रा में वैक्सीन खरीदकर काम चलाया है, लेकिन बड़े पैमाने पर इसकी कमी बनी हुई है। इस पूरे मामले पर जब DGHS, Central Procurement Agency और Serum Institute से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
वहीं, इस मुद्दे के बीच केंद्र सरकार का रुख अलग है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री J.P. Nadda ने 24 मार्च 2026 को कहा था कि देश में एंटी-रेबीज वैक्सीन की कोई राष्ट्रीय कमी नहीं है और उत्पादन मांग से कहीं ज्यादा है। उन्होंने साफ किया कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और वैक्सीन का वितरण राज्य सरकारों की जिम्मेदारी होती है। इसके लिए National Free Drug Initiative (NFDI) के तहत राज्यों को फंड भी दिया जाता है।
बता दें कि इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने 6 दिसंबर 2019 को ही निर्देश दिए थे कि सरकारी संस्थाएं समय-समय पर पर्याप्त वैक्सीन की खरीद और उपलब्धता सुनिश्चित करें, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।