Delhi में गड्ढे भरने के लिए आई नई मशीन, 5 मिनट में ठीक हो जाएगी सड़क; Mumbai में भी चल रहा बड़ा काम
Delhi: दिल्ली की सड़कों पर गड्ढों से परेशान लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। PWD ने गड्ढों को तेजी से भरने के लिए एक नई तकनीक का ट्रायल किया है, जिससे अब सड़क की मरम्मत के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस नई मशीन की मद
Delhi: दिल्ली की सड़कों पर गड्ढों से परेशान लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। PWD ने गड्ढों को तेजी से भरने के लिए एक नई तकनीक का ट्रायल किया है, जिससे अब सड़क की मरम्मत के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस नई मशीन की मदद से बारिश के मौसम में भी गड्ढों को बहुत जल्दी भरा जा सकेगा।
PWD मंत्री Parvesh Verma ने इस ‘स्प्रे इंजेक्शन पैचिंग’ तकनीक का प्रदर्शन किया। यह मशीन हाई-वेलोसिटी हवा से गड्ढे की सफाई करती है, फिर बिटुमेन इमल्शन स्प्रे करके उसे प्रेशर के साथ भर देती है। इस काम में रोलर की जरूरत नहीं पड़ती और सड़क ठीक होते ही ट्रैफिक फिर से शुरू हो जाता है। एक छोटी टीम के साथ यह मशीन रोजाना 100 से 150 गड्ढे भर सकती है। यह तकनीक जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों में पहले से इस्तेमाल हो रही है।
वहीं Mumbai में भी सड़कों को बेहतर बनाने के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार का लक्ष्य 2027 तक मुंबई की करीब 95% सड़कों को कंक्रीट का बनाना है ताकि डामर वाली सड़कों की तरह बार-बार गड्ढे न हों। इसका असर बजट पर भी दिख रहा है, जहाँ BMC का गड्ढों की मरम्मत का खर्च साल 2023-24 के 202 करोड़ रुपये से घटकर 2025-26 में 89 करोड़ रुपये रह गया है। हाल ही में MMRDA ने मीरा-भायंदर में मेट्रो कॉरिडोर के नीचे की सड़कों की मरम्मत शुरू की है।
देशभर में गड्ढों की समस्या काफी गंभीर है। साल 2023 में गड्ढों की वजह से 2,161 लोगों की जान गई, जिनमें से आधे से ज्यादा मौतें UP में हुईं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि खराब डिजाइन, जल निकासी की कमी और घटिया निर्माण की वजह से ऐसा होता है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) ने नेशनल हाईवे को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए iPAVe जैसे एडवांस वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।