Delhi: राजधानी दिल्ली में सड़कों के निर्माण का काम महंगा हो सकता है। बिटुमेन यानी कोलतार की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण PWD अब निर्माण सामग्री के रेट बढ़ाने पर विचार कर रहा है। MCD पहले ही इस दिशा में कदम उठा चुका है
Delhi: राजधानी दिल्ली में सड़कों के निर्माण का काम महंगा हो सकता है। बिटुमेन यानी कोलतार की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण PWD अब निर्माण सामग्री के रेट बढ़ाने पर विचार कर रहा है। MCD पहले ही इस दिशा में कदम उठा चुका है, जिससे सड़कों के प्रोजेक्ट्स की लागत बढ़ गई है।
बिटुमेन की कीमतें क्यों बढ़ीं और क्या है असर
पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे विवाद की वजह से शिपिंग रूट खराब हुए हैं, जिससे बिटुमेन के आयात में दिक्कत आ रही है। पहले बिटुमेन की कीमत 40,000 से 50,000 रुपये प्रति टन थी, जो अब बढ़कर 70,000 से 80,000 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है। इस वजह से प्रोजेक्ट्स की कुल लागत में करीब 30% का इजाफा हुआ है।
PWD और सरकार का क्या है प्लान
PWD मंत्री परवेश साहिब सिंह ने बताया कि PWD भी MCD की तरह रेट रिवाइज करने का ऑर्डर जारी कर सकता है। इसके लिए Expenditure Finance Committee से मंजूरी मांगी जाएगी। साथ ही, अप्रैल 2026 में लागू हुए Clause 10CC के तहत सामग्री की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मैनेज किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य मानसून से पहले सड़कों का काम पूरा करना है, इसलिए कुछ प्रोजेक्ट्स की डेडलाइन 31 जुलाई तक बढ़ा दी गई है।
लागत में बढ़ोतरी का विवरण
| विवरण |
पुरानी दर/स्थिति |
नई दर/स्थिति |
| बिटुमेन की कीमत (प्रति टन) |
40,000 – 50,000 रुपये |
70,000 – 80,000 रुपये |
| प्रोजेक्ट लागत में वृद्धि |
– |
लगभग 30% |
| काम पूरा करने की समय सीमा |
31 मार्च |
31 जुलाई (कुछ प्रोजेक्ट्स) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
सड़कों के निर्माण की लागत क्यों बढ़ रही है?
पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात के कारण बिटुमेन की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे इसकी कीमत 50 हजार से बढ़कर 80 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है।
क्या सड़कों का काम रुक गया है?
कीमतें बढ़ने से कई ठेकेदार पुराने रेट पर काम करने को तैयार नहीं हैं, जिससे दिल्ली के कई रोड रिपेयर प्रोजेक्ट्स में देरी हुई है।