Delhi: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में अब सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता किया जाएगा। Public Works Department (PWD) इन अस्पतालों में आग और बिजली से जुड़ी सुरक्षा का बड़ा ऑडिट करने जा रहा है। यह कदम इसलिए उठाया
Delhi: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में अब सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता किया जाएगा। Public Works Department (PWD) इन अस्पतालों में आग और बिजली से जुड़ी सुरक्षा का बड़ा ऑडिट करने जा रहा है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा बढ़ाई जा सके और किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके।
इन अस्पतालों में होगी सुरक्षा की जांच
PWD ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के कई प्रमुख अस्पतालों की लिस्ट तैयार की है। इसमें गुरु गोबिंद सिंह गवर्नमेंट हॉस्पिटल (रघुबीर नगर), दीन दयाल उपाध्याय हॉस्पिटल (हरि नगर), और सरदार वल्लभभाई पटेल हॉस्पिटल (पटेल नगर) जैसे बड़े केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा पंडित मदन मोहन मालवीय हॉस्पिटल, डॉ बीआर सुर होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज और नेहरू होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज की भी जांच होगी। कई डिस्पेंसरियों और अन्य स्वास्थ्य इकाइयों को भी इस ऑडिट में रखा गया है।
ऑडिट में किन चीजों पर रहेगा खास ध्यान
बिजली सुरक्षा ऑडिट के दौरान पुराने तारों, पैनल, ट्रांसफॉर्मर और जनरेटर सेट की बारीकी से जांच होगी। थर्मल इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल करके यह देखा जाएगा कि कहीं कोई तार ज्यादा गर्म तो नहीं हो रहा है। वहीं, फायर सेफ्टी ऑडिट में आग बुझाने वाले यंत्रों, हाइड्रेंट, अलार्म और इमरजेंसी एग्जिट रूट की जांच की जाएगी। यह पूरा काम नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) और भारतीय मानक (IS) के नियमों के हिसाब से होगा।
सरकार और अधिकारियों ने क्या कहा
दिल्ली के गृह मंत्री Ashish Sood ने कहा कि दिल्ली सरकार फायर डिपार्टमेंट के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) को उपकरण अपग्रेड करने और इमरजेंसी रिस्पांस टाइम सुधारने के निर्देश दिए हैं। वहीं, फायर सर्विसेज के डायरेक्टर अतुल गर्ग के मुताबिक, अस्पतालों में लगने वाली करीब 70 प्रतिशत आग की घटनाएं खराब बिजली वायरिंग की वजह से होती हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी मई 2026 में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब अस्पतालों में सख्त सुरक्षा जांच जरूरी कर दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अस्पतालों में यह ऑडिट क्यों किया जा रहा है?
अस्पतालों में भारी बिजली उपकरणों का इस्तेमाल होता है और ऑक्सीजन की मौजूदगी के कारण आग का खतरा ज्यादा रहता है। खराब वायरिंग से होने वाले हादसों को रोकने के लिए PWD यह ऑडिट कर रहा है।
ऑडिट में किन नियमों का पालन किया जाएगा?
यह ऑडिट इंडियन इलेक्ट्रिसिटी रूल्स, नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) 2016, और अपडेटेड नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन स्टैंडर्ड्स 2026 के आधार पर किया जाएगा।