Delhi: राजधानी की सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब PWD के 1400 किलोमीटर लंबे रोड नेटवर्क का DGPS सर्वे कराएगी। इस तकनीक की मदद से आसमान से सड़कों
Delhi: राजधानी की सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब PWD के 1400 किलोमीटर लंबे रोड नेटवर्क का DGPS सर्वे कराएगी। इस तकनीक की मदद से आसमान से सड़कों की निगरानी की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि कहां-कहां अवैध कब्जा हुआ है और उन्हें हटाया जा सके।
DGPS सर्वे से कैसे हटेगा अवैध कब्जा
PWD के अधिकारियों के मुताबिक, सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम करना मुश्किल है, इसलिए अब सड़क की चौड़ाई और लंबाई का सही माप लिया जाएगा। DGPS सर्वे से मिलने वाली रियल-टाइम तस्वीरों के जरिए अतिक्रमण वाले हिस्सों को मार्क किया जाएगा। इसके बाद सरकार एक बड़ा अभियान चलाकर इन अवैध कब्जों को हटाएगी। शुरुआती तौर पर नॉर्थ डिवीजन के 143 किलोमीटर सड़क खंड से इसकी शुरुआत होगी, जिस पर करीब 17.34 लाख रुपये खर्च होंगे।
ड्रोन तकनीक और कोर्ट के आदेश का असर
अतिक्रमण रोकने के लिए DDA, MCD और Survey of India ने भी हाथ मिलाया है। इन तीनों संस्थाओं ने ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए एक समझौता किया है। एलजी वी.के. सक्सेना ने भी हाई-रिजॉल्यूशन डेटा के लिए ड्रोन सर्वे पर जोर दिया है। साथ ही, दिल्ली हाई कोर्ट ने 7 जनवरी 2026 को MCD को निर्देश दिए थे कि PWD की सड़कों पर मौजूद सभी अतिक्रमण को जल्द से जल्द हटाया जाए।
बजट और अन्य सुरक्षा इंतजाम
दिल्ली सरकार ने साल 2026-27 के बजट में CCTV कैमरों के लिए 225 करोड़ रुपये रखे हैं। PWD और दिल्ली पुलिस मिलकर उन जगहों की पहचान करेंगे जिन्हें डार्क स्पॉट कहा जाता है, ताकि वहां नए कैमरे लगाए जा सकें। इसके अलावा, MCD ने 25 अप्रैल 2026 से उन संपत्तियों का सर्वे भी शुरू किया है जो रिहायशी होने के बावजूद कमर्शियल काम के लिए इस्तेमाल हो रही हैं, जिन पर सीलिंग की कार्रवाई हो सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
DGPS सर्वे का मुख्य उद्देश्य क्या है
इसका मुख्य उद्देश्य PWD के 1400 किमी रोड नेटवर्क का सटीक माप लेना और रियल-टाइम तस्वीरों के जरिए अवैध कब्जों की पहचान करना है ताकि सड़कों को जाम मुक्त बनाया जा सके।
ड्रोन सर्वे के लिए किन संस्थाओं ने समझौता किया है
दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), नगर निगम (MCD) और सर्वे ऑफ इंडिया (SoI) ने मिलकर ड्रोन तकनीक के जरिए जमीन के सर्वे और अवैध निर्माण रोकने के लिए MoU साइन किया है।