Delhi में प्रोटेस्ट के दौरान चली पैलेट गन, CRPF की जांच में खुलासा; RAF जवान ने दागे थे 7 राउंड
Delhi: राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में 20 जुलाई को हुए हंगामे में एक बड़ा खुलासा हुआ है। CRPF की आंतरिक जांच में यह बात सामने आई है कि RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) के एक जवान ने भीड़ पर पैलेट गन से कम से कम 7 राउंड फाय
Delhi: राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में 20 जुलाई को हुए हंगामे में एक बड़ा खुलासा हुआ है। CRPF की आंतरिक जांच में यह बात सामने आई है कि RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) के एक जवान ने भीड़ पर पैलेट गन से कम से कम 7 राउंड फायर किए थे। इस घटना में एक पत्रकार और कई प्रदर्शनकारी घायल हुए थे।
यह पूरा मामला NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुआ था। Cockroach Janta Party (CJP) के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों और लोगों पर फायरिंग की गई थी। जांच में पता चला है कि जवान ने अपने कंपनी कमांडर से अनुमति लेने के बाद ही गोलियां चलाई थीं। घायलों में 19 साल के दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र साहिल लोचाब शामिल हैं, जिनकी आंख में चोट आई थी, साथ ही 25 साल के इरशाद शेख और एक 28 वर्षीय पत्रकार भी घायल हुए थे।
शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया था, लेकिन अब CRPF की जांच ने इसकी पुष्टि कर दी है। CRPF के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस पूरी घटना का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। इसमें वीडियो फुटेज और तैनात जवानों के बयानों की जांच की जा रही है ताकि यह पता चले कि नियमों (SOP) का पालन हुआ या नहीं।
RAF की अपनी आंतरिक समीक्षा में यह पाया गया कि कुछ जवानों ने जरूरत से ज्यादा ताकत का इस्तेमाल किया, जिसे किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता। RAF की महानिरीक्षक सीमा धुंधिया ने जवानों को स्पष्ट किया है कि भीड़ नियंत्रण के दौरान जिस तरह का बल प्रयोग किया गया, वह ट्रेनिंग और मानकों के खिलाफ था। इसके बाद RAF ने अगले आदेश तक पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है और अब भविष्य में कानून-व्यवस्था के मामलों में NATO प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा।
इस घटना को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस ‘बर्बर हमले’ पर जवाब मांगा है। उन्होंने घायल छात्र साहिल लोचाब को मीडिया के सामने पेश कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। सरकारी अस्पतालों की मेडिकल रिपोर्ट में भी पैलेट गन की चोटों की पुष्टि हुई है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी दो याचिकाओं पर सुनवाई करने वाला है।