Delhi Protest: पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक पर लगी रोक, CRPF के 2000 जवान एयरलिफ्ट

Delhi: राजधानी दिल्ली में चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा इंतजामों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक जैसे हथियारों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई

Delhi: राजधानी दिल्ली में चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा इंतजामों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक जैसे हथियारों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सुरक्षा बलों के लिए नए नियम तय किए गए हैं ताकि प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती के बजाय तय प्रोटोकॉल का पालन हो।

RAF की IG सीमा धुंडिया ने एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद यह आदेश जारी किया है। उन्होंने साफ कहा है कि जवानों को पैलेट गन, एंटी-रायट गन और इलेक्ट्रिक शील्ड नहीं दी जाएगी। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान फोर्स के काम करने के तरीके पर IG ने नाराजगी जताई थी, जिसके बाद 26 नए सुधार लागू किए गए हैं। अब से दिल्ली में हथियारों का इस्तेमाल NATO के अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के हिसाब से होगा।

सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए CRPF और RAF की 16 नई कंपनियों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया जा रहा है। इससे पहले से तैनात 45 कंपनियों की संख्या और बढ़ जाएगी। सरकार का मकसद दिल्ली NCR और अन्य राज्यों में फैले इन प्रदर्शनों को काबू में करना है।

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब RAF के जवानों को हर ऑपरेशन के दौरान ‘बॉडी-वर्न कैमरा’ पहनना जरूरी होगा। साथ ही किसी भी बड़ी घटना की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की जाएगी ताकि सबूत रहे। नए नियमों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर जैसे इलाकों से आए जवानों को सीधे भीड़ नियंत्रण में नहीं लगाया जाएगा, उन्हें पहले खास ट्रेनिंग दी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पहले भीड़ को चेतावनी दें और उसके बाद ही धीरे-धीरे बल का प्रयोग करें। BPRD के मैनुअल का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रदर्शनकारी देश के नागरिक हैं, दुश्मन नहीं, इसलिए उन्हें कम से कम नुकसान पहुँचाया जाए।