Delhi: दिल्ली सरकार अब प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पेपरलेस बनाने की तैयारी कर रही है। अगले 5-6 महीनों में यह नया सिस्टम लागू हो सकता है। इस कदम से लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और
Delhi: दिल्ली सरकार अब प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पेपरलेस बनाने की तैयारी कर रही है। अगले 5-6 महीनों में यह नया सिस्टम लागू हो सकता है। इस कदम से लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और रजिस्ट्री का काम घर बैठे हो सकेगा। सरकार का मकसद भ्रष्टाचार को रोकना और धोखाधड़ी पर लगाम लगाना है।
नया सिस्टम कैसे काम करेगा और क्या होंगे बदलाव
राजस्व विभाग अब एक ऐसा वेब पोर्टल तैयार कर रहा है जहाँ डिजिटल दस्तावेज़, विलेख और स्टांप पेपर स्वीकार किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था में खरीदार और विक्रेता को केवल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जाना होगा। बाकी सारी कागजी कार्रवाई ऑनलाइन होगी और रजिस्ट्री के दस्तावेज़ सीधे आपके DigiLocker ऐप में मिल जाएंगे। सब-रजिस्ट्रार को डिजिटल हस्ताक्षर के लिए सिर्फ 5 मिनट का समय लगेगा।
रजिस्ट्री प्रक्रिया की मुख्य बातें
| सुविधा/नियम |
विवरण |
| समय-सीमा |
अगले 5-6 महीनों में लागू होने की संभावना |
| जरूरी ऑफिस विजिट |
सिर्फ बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए |
| दस्तावेज़ प्राप्ति |
DigiLocker ऐप के जरिए |
| सत्यापन |
मालिकाना हक और विवादित संपत्ति की ऑटोमैटिक जांच |
| अतिरिक्त शुल्क |
तत्काल पंजीकरण के लिए ₹25,000 का विकल्प विचाराधीन |
| ऑफिस विस्तार |
सब-रजिस्ट्रार कार्यालय 22 से बढ़ाकर 39 करने का प्रस्ताव |
इस योजना से आम जनता को क्या फायदा होगा
इस सिस्टम से सरकारी दफ्तरों में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। MCD के ऑनलाइन सिस्टम के साथ जुड़ने से संपत्ति के असली मालिक का पता लगाना आसान होगा और धोखाधड़ी कम होगी। सरकार इसे ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के विज़न के साथ लागू कर रही है ताकि आम आदमी को सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके। इस योजना को पूरी तरह लागू करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी और विधानसभा में नियम बदलना जरूरी होगा।