Delhi: दिल्ली सरकार ने प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में होने वाली गड़बड़ियों और स्टाम्प ड्यूटी की चोरी को रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। अब अगर कोई अपनी संपत्ति की कीमत तय सर्कल रेट से कम दिखाता है, तो उसकी बारीकी से जांच की ज
Delhi: दिल्ली सरकार ने प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में होने वाली गड़बड़ियों और स्टाम्प ड्यूटी की चोरी को रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। अब अगर कोई अपनी संपत्ति की कीमत तय सर्कल रेट से कम दिखाता है, तो उसकी बारीकी से जांच की जाएगी। सरकार का मुख्य मकसद राजस्व के नुकसान को रोकना और रजिस्ट्री की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में अब क्या बदला है?
राजस्व विभाग ने सभी सब-रजिस्ट्रार और जॉइंट सब-रजिस्ट्रार को निर्देश दिए हैं कि वे रजिस्ट्री के कागजातों की गहराई से जांच करें। खासकर रिहायशी इलाकों में बेसमेंट की रजिस्ट्री पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि यहां अक्सर कीमत कम दिखाई जाती है। अगर कोई प्रॉपर्टी सर्कल रेट से कम दाम पर रजिस्टर की गई है, तो संबंधित पक्षों को लिखित नोटिस भेजकर बकाया स्टाम्प ड्यूटी जमा करने का मौका दिया जाएगा।
रजिस्ट्री प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सब-रजिस्ट्रार ऑफिसों में भ्रष्टाचार और एजेंटों के प्रभाव को खत्म करने के लिए बड़े सुधारों के निर्देश दिए हैं। अब पूरी व्यवस्था को डिजिटल किया जाएगा जिससे आम लोगों को दलालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नए सिस्टम में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और टोकन सिस्टम लागू होगा। इसमें AI आधारित फेशियल रिकग्निशन और ब्लॉकचेन जैसी तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
स्टाम्प ड्यूटी और नियमों की जानकारी
| नियम/धारा |
विवरण |
| भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (धारा 47-A) |
कम कीमत दिखाने वाले दस्तावेजों की जांच और वसूली का प्रावधान। |
| दिल्ली स्टाम्प रूल्स, 2007 |
स्टाम्प ड्यूटी मार्केट वैल्यू या सर्कल रेट, जो भी ज्यादा हो, उस पर लगेगी। |
| क्षेत्रफल की गणना |
कागजों में प्लिंथ एरिया (कवर्ड एरिया) और बिल्ट-अप एरिया दोनों बताना जरूरी है। |
Frequently Asked Questions (FAQs)
अगर प्रॉपर्टी की कीमत सर्कल रेट से कम दिखाई गई तो क्या होगा?
स्टाम्प कलेक्टर द्वारा मामले की जांच की जाएगी और संपत्ति का पुनर्मूल्यांकन होगा। यदि कम कीमत की पुष्टि होती है, तो मालिक को बची हुई स्टाम्प ड्यूटी जमा करनी होगी।
रजिस्ट्री के लिए नया डिजिटल सिस्टम क्या सुविधा देगा?
नए सिस्टम से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल वेरिफिकेशन और पेपरलेस रजिस्ट्री की सुविधा मिलेगी, जिससे भ्रष्टाचार और देरी कम होगी।