Delhi में GPA पर खरीदे मकान की रजिस्ट्री के नियम हुए सख्त, अब बिना पूरी स्टाम्प ड्यूटी के नहीं होगा काम

Delhi: दिल्ली में जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) के जरिए प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने वालों के लिए अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। सरकार ने धोखाधड़ी और राजस्व की चोरी रोकने के लिए नियमों को बहुत सख्त कर दिया है। अब उन लोगों के लिए

Delhi: दिल्ली में जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) के जरिए प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने वालों के लिए अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। सरकार ने धोखाधड़ी और राजस्व की चोरी रोकने के लिए नियमों को बहुत सख्त कर दिया है। अब उन लोगों के लिए सीधे रजिस्ट्री कराना मुश्किल होगा जिन्होंने खून के रिश्तों से बाहर किसी व्यक्ति से GPA पर मकान या फ्लैट लिया है।

दिल्ली सरकार के नए नियमों के मुताबिक, अब ऐसे सभी GPA दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से Collector of Stamps के पास भेजा जाएगा। कलेक्टर यह तय करेंगे कि वह दस्तावेज सिर्फ एक पावर ऑफ अटॉर्नी है या असल में प्रॉपर्टी की बिक्री का सौदा है। अगर यह बिक्री का मामला पाया गया, तो खरीदार को पूरी स्टाम्प ड्यूटी चुकानी होगी, तभी रजिस्ट्री की अनुमति मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया है कि राजस्व के नुकसान पर सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है और नियमों का उल्लंघन करने वाले Sub-Registrars पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अगर आपने 4 साल पहले या उससे पहले GPA पर मकान खरीदा था और अब उसे बेचना चाहते हैं, तो आपको पहले अपने नाम पर पक्की रजिस्ट्री करानी होगी। ध्यान रहे कि GPA से मालिकाना हक नहीं मिलता, इसके लिए Sale Deed का होना जरूरी है। इस प्रक्रिया के लिए आपको नीचे दी गई बातों का ध्यान रखना होगा:

जरूरी कदम विवरण
मालिकाना हक GPA केवल अधिकार देता है, मालिकाना हक के लिए registered sale deed जरूरी है।
कलेक्टर की जांच गैर-रिश्तेदारों के मामले में Collector of Stamps दस्तावेज की जांच करेंगे।
स्टाम्प ड्यूटी जांच के बाद तय की गई पूरी स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान करना होगा।
समय सीमा कलेक्टर को 30 दिनों के भीतर अपना आदेश जारी करना होगा।
PM-UDAY स्कीम अनधिकृत कॉलोनियों के लिए इस स्कीम के तहत नियमितीकरण की कोशिश की जा सकती है।

जिन लोगों की प्रॉपर्टी PM-UDAY स्कीम के दायरे में आती है और जिनके पास 1 जनवरी 2015 से पहले का कब्जा है, वे इस योजना के जरिए कानूनी मालिकाना हक के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें मामूली शुल्क पर नियमितीकरण का मौका मिल सकता है। बिना पक्की रजिस्ट्री के अब दिल्ली में प्रॉपर्टी बेचना कानूनी रूप से संभव नहीं होगा।