Delhi: दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की किताबों और यूनिफॉर्म को लेकर होने वाली जबरदस्ती अब खत्म होगी। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए हैं कि अभिभावक अपनी पसंद की किसी भी दु
Delhi: दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की किताबों और यूनिफॉर्म को लेकर होने वाली जबरदस्ती अब खत्म होगी। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए हैं कि अभिभावक अपनी पसंद की किसी भी दुकान से सामान खरीद सकते हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि स्कूलों द्वारा किसी एक वेंडर से सामान खरीदने का दबाव डालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किताबों और यूनिफॉर्म के लिए क्या हैं नए नियम?
CM Rekha Gupta ने कहा है कि स्कूलों में ‘सिंगल-वेंडर’ वाला सिस्टम नहीं चलेगा। स्कूलों को अब अपने नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर यह साफ लिखना होगा कि पेरेंट्स कहीं से भी सामान खरीद सकते हैं। अगर स्कूल सुविधा के लिए दुकानों की लिस्ट देना चाहते हैं, तो वे 5 से 6 दुकानों के नाम दे सकते हैं, लेकिन किसी एक दुकान से खरीदने की मजबूरी नहीं होगी। साथ ही, यूनिफॉर्म का रंग और डिजाइन कम से कम तीन साल तक नहीं बदला जा सकेगा ताकि पेरेंट्स पर आर्थिक बोझ न पड़े।
नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर क्या होगी कार्रवाई?
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि वह खुद स्कूलों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करेंगी। अगर किसी स्कूल में नियमों की अनदेखी पाई गई, तो उस स्कूल के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा, जिसमें स्कूल को सरकारी नियंत्रण में लेना (Takeover) भी शामिल है। हाल ही में DoE और Revenue Department ने एक स्कूल की जांच की थी, जहां फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट न होने और बिना लाइसेंस के स्विमिंग पूल चलाने जैसी गड़बड़ियां मिली थीं, जिसके बाद पूल को सील कर दिया गया था।
DoE ने क्या निर्देश जारी किए हैं?
Directorate of Education (DoE) ने सभी प्राइवेट स्कूलों को क्लास के हिसाब से किताबों और यूनिफॉर्म की पूरी लिस्ट पारदर्शी तरीके से देने को कहा है। यह नियम दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 और शिक्षा के अधिकार (RTE) नियम, 2011 के तहत लागू किए गए हैं। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बाजार में सामान के पर्याप्त विकल्प उपलब्ध हों और किसी भी तरह की जबरदस्ती न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या स्कूल यूनिफॉर्म का डिजाइन हर साल बदल सकते हैं?
नहीं, नियमों के मुताबिक एक बार यूनिफॉर्म का रंग और डिजाइन तय होने के बाद उसे कम से कम तीन साल तक नहीं बदला जा सकता है।
अगर स्कूल किसी खास दुकान से सामान खरीदने का दबाव डाले तो क्या होगा?
यह नियमों का उल्लंघन है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ऐसे स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर स्कूल को टेकओवर भी किया जा सकता है।