Delhi: राजधानी दिल्ली में एक प्राइवेट स्लीपर बस में 30 साल की महिला के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 11 मई 2026 की रात को हुई थी जब महिल
Delhi: राजधानी दिल्ली में एक प्राइवेट स्लीपर बस में 30 साल की महिला के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 11 मई 2026 की रात को हुई थी जब महिला अपने भाई से मिलकर घर लौट रही थी।
कौन हैं आरोपी और क्या है पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आगरा के रहने वाले ड्राइवर उमेश और हाथरस के रहने वाले कंडक्टर रामेंद्र के रूप में की है। ये दोनों पिछले 5-6 साल से दिल्ली में ड्राइविंग कर रहे थे। पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64, 70 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल हुई बस को जब्त कर लिया है और उसकी फॉरेंसिक जांच कराई गई है।
बस के रिकॉर्ड और चालानों का मामला
जांच के दौरान पता चला है कि जिस बस में यह वारदात हुई, उस पर दिल्ली और बिहार में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के 80 से ज्यादा चालान लंबित हैं। डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है और इसके लिए गोपालगंज परिवहन विभाग से भी संपर्क किया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि बस का पिछला रिकॉर्ड कैसा रहा है।
NCW और राजनीतिक प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर 7 दिनों के भीतर एक्शन रिपोर्ट (ATR) मांगी है। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने पुलिस पर इस मामले को पहले छिपाने का आरोप लगाया है और घटना की कड़ी निंदा की है। पुलिस अब आरोपियों के उस दावे की भी जांच कर रही है जिसमें उन्होंने इसे पैसे का विवाद बताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
पुलिस ने ड्राइवर उमेश और कंडक्टर रामेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। बस को जब्त कर फॉरेंसिक जांच की गई है और पीड़िता का बयान कोर्ट में दर्ज कराया गया है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने क्या निर्देश दिए हैं?
NCW ने दिल्ली पुलिस प्रमुख से इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करने को कहा है और 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।