Delhi की जेलों में वसूली का बड़ा खेल, ACB ने 11 लोगों को पकड़ा, घर बेचकर पैसे देने वाला ड्राइवर हुआ था शिकायतकर्ता
Delhi: दिल्ली की जेलों के अंदर चल रहे एक बड़े वसूली और रिश्वतखोरी के खेल का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने इस सिंडिकेट में शामिल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक 25 साल के टेंपो
Delhi: दिल्ली की जेलों के अंदर चल रहे एक बड़े वसूली और रिश्वतखोरी के खेल का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने इस सिंडिकेट में शामिल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक 25 साल के टेंपो ड्राइवर की शिकायत अहम रही, जिसने अपने परिवार को बचाने के लिए अपना घर तक बेच दिया था।
शिकायतकर्ता के पिता और भाई रोहिणी जेल में बंद थे। आरोप है कि उनसे जेल के अंदर सुविधाओं और सुरक्षा के नाम पर करीब 20 लाख रुपये की मांग की गई। इस रकम को जुटाने के लिए ड्राइवर को अपना घर बेचना पड़ा। जब यह मामला सामने आया, तो उसने 9 फरवरी 2026 को ACB में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद 16-17 जुलाई 2026 के आसपास ACB ने छापेमारी कर इस पूरे गिरोह को दबोच लिया।
ACB चीफ विक्रमजीत सिंह ने बताया कि यह एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट था जिसमें जेल अधिकारियों, कैदियों और वकीलों की मिलीभगत थी। इस रैकेट का असर रोहिणी, तिहाड़ और मंडोली जेलों में देखा गया। छापेमारी के दौरान 1 लाख रुपये की रिश्वत की रकम भी बरामद हुई है।
| पद/श्रेणी | गिरफ्तार व्यक्तियों की संख्या | नाम/विवरण |
|---|---|---|
| असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट | 1 | सुनील कुमार (रोहिणी जेल) |
| जेल वार्डर | 6 | दिनेश डबास, पंकज कुमार, रवि कुमार, जोगेंद्र, योगेश, जगबीर |
| वकील | 2 | मनीष और हरेंद्र बंसल |
| निजी व्यक्ति | 2 | आशीष राणा और विप्लव खारी |
इससे पहले अगस्त 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट ने तिहाड़ जेल में चल रहे इस तरह के वसूली रैकेट की जांच के लिए CBI को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। उस समय भी 9 जेल अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हुई थी और कुछ को सस्पेंड किया गया था। फिलहाल ACB बैंक खातों, डिजिटल सबूतों और मोबाइल डेटा के जरिए इस साजिश की पूरी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।