Delhi: दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना का फायदा लेने वाले लोगों की संख्या पिछले तीन सालों में लगातार बढ़ी है। सरकार ने इस योजना को साल 2025-26 तक के लिए बढ़ा दिया है, जिससे लाखों परिवारों को राहत मिल रही है। हालांकि,
Delhi: दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना का फायदा लेने वाले लोगों की संख्या पिछले तीन सालों में लगातार बढ़ी है। सरकार ने इस योजना को साल 2025-26 तक के लिए बढ़ा दिया है, जिससे लाखों परिवारों को राहत मिल रही है। हालांकि, हाल ही में आए एक अदालती फैसले की वजह से आने वाले समय में बिजली की दरों में बढ़ोतरी हो सकती है।
सब्सिडी के नियम क्या हैं और किसे मिलेगा फायदा
दिल्ली में बिजली सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को खुद इसे चुनना पड़ता है। इसके नियम इस प्रकार हैं:
- 0 से 200 यूनिट: बिजली का बिल पूरी तरह माफ यानी 100% सब्सिडी।
- 201 से 400 यूनिट: बिल पर 50% की छूट, लेकिन यह अधिकतम 800 रुपये तक ही सीमित है।
- 400 यूनिट से ज्यादा: ऐसे उपभोक्ताओं को कोई सब्सिडी नहीं मिलती है।
- विशेष छूट: 1984 के सिख दंगों के पीड़ितों और वकीलों के चैंबर को भी विशेष सब्सिडी दी जाती है।
बजट और उपभोक्ताओं की संख्या में कितनी बढ़ोत्तरी हुई
दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या और सरकार द्वारा खर्च की जाने वाली राशि में बड़ा उछाल आया है। इसका विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| विवरण |
2015-16 |
2025-26 (अनुमानित/संशोधित) |
| कुल घरेलू उपभोक्ता |
52.62 लाख |
73 लाख से ज्यादा |
| सब्सिडी खर्च |
1,442.76 करोड़ रुपये |
करीब 4,200 करोड़ रुपये |
| सब्सिडी का दायरा |
– |
दिसंबर 2025 तक 93% परिवार |
क्या आने वाले समय में बढ़ेगा बिजली का बिल
Appellate Tribunal for Electricity (APTEL) ने हाल ही में DERC की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें बिजली कंपनियों (Discoms) का 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया चुकाने के लिए और समय मांगा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इन बकायों को अप्रैल 2028 तक खत्म करने का आदेश दिया है। इस वजह से अब बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। साथ ही, सरकार उन घरों की सब्सिडी रोकने पर विचार कर रही है जो लंबे समय से बंद हैं और जिनमें बिजली की खपत जीरो है, क्योंकि इन पर सालाना 50 से 60 करोड़ रुपये फिक्स्ड चार्ज के रूप में खर्च हो रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में बिजली सब्सिडी पाने के लिए कितनी यूनिट की सीमा है
200 यूनिट तक की खपत पर पूरा बिल माफ है और 201 से 400 यूनिट तक 50% सब्सिडी मिलती है, जिसकी अधिकतम सीमा 800 रुपये है।
क्या बंद पड़े मकानों को भी सब्सिडी मिलेगी
सरकार अब ‘डॉर्मेंट’ यानी उन उपभोक्ताओं की सब्सिडी रोकने की योजना बना रही है जिनके घरों में लंबे समय से जीरो बिजली खपत हो रही है।