Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और हीटवेव की वजह से बिजली की खपत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। 25 मई को दिल्ली की पीक पावर डिमांड 8,439 MW तक पहुंच गई, जो मई के महीने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। State Load Despatch C
Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और हीटवेव की वजह से बिजली की खपत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। 25 मई को दिल्ली की पीक पावर डिमांड 8,439 MW तक पहुंच गई, जो मई के महीने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। State Load Despatch Centre (SLDC) के मुताबिक, इस साल गर्मी जल्दी शुरू होने की वजह से बिजली की मांग पिछले सालों के मुकाबले काफी ज्यादा रही है।
बिजली की मांग में इतनी बढ़ोतरी क्यों हुई?
दिल्ली में इस बार समय से पहले ही तेज गर्मी और हीटवेव शुरू हो गई, जिससे लोगों ने AC और कूलर का इस्तेमाल बढ़ा दिया। SLDC के आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह दिनों में चार बार बिजली की मांग 8,000 MW के पार गई है। अप्रैल के महीने में भी 27 तारीख को डिमांड 7,078 MW तक पहुंच गई थी, जबकि आमतौर पर यह स्तर मई में देखा जाता है। अधिकारियों को लगता है कि इस गर्मी में डिमांड 9,000 MW को भी पार कर सकती है।
बिजली सप्लाई के लिए क्या तैयारी है?
BSES Discoms (BRPL और BYPL) और Tata Power-DDL ने बताया कि वे करीब 53 लाख ग्राहकों और 2.25 करोड़ निवासियों को बिना रुकावट बिजली देने के लिए तैयार हैं। इसके लिए AI और Machine Learning जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि बिजली की लोड का सही अंदाजा लगाया जा सके। इसके अलावा दूसरे राज्यों के साथ समझौते और पावर मार्केट से भी बिजली ली जा रही है।
ग्रीन एनर्जी से कितनी मदद मिल रही है?
गर्मी के इस समय में पर्यावरण के अनुकूल बिजली स्रोतों का भी बड़ा योगदान है। BSES के इलाकों में बिजली की आपूर्ति के लिए निम्नलिखित स्रोतों का उपयोग किया जा रहा है:
| स्रोत |
अनुमानित क्षमता |
| सोलर पावर |
840 MW |
| हाइड्रो पावर |
572 MW |
| विंड एनर्जी |
500 MW |
| पम्पेड स्टोरेज प्लांट्स |
312 MW |
| रूफटॉप सोलर |
250 MW |
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में अब तक की सबसे ज्यादा बिजली डिमांड कितनी रही है?
25 मई 2026 को दिल्ली की पीक पावर डिमांड 8,439 MW दर्ज की गई, जो मई महीने का रिकॉर्ड है। हालांकि, पिछले साल 2025 में यह ऑल-टाइम हाई 8,656 MW तक गया था।
क्या इस गर्मी में बिजली कटौती की संभावना है?
BSES और Tata Power-DDL का कहना है कि वे पूरी तरह तैयार हैं। वे AI-आधारित डिमांड फोरकास्टिंग और ग्रीन पावर के जरिए बिना रुकावट बिजली सप्लाई सुनिश्चित कर रहे हैं।