Delhi की आबादी 2.3 करोड़ के पार, 15 साल में 37.5 फीसदी बढ़ी जनसंख्या; जानिए किस जिले में हैं सबसे ज्यादा लोग

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में आबादी तेजी से बढ़ रही है। जनगणना 2027 के पहले चरण के शुरुआती नतीजों के मुताबिक, दिल्ली की जनसंख्या अब 2.3 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। पिछले 15 सालों के दौरान शहर की आबादी में करीब 37

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में आबादी तेजी से बढ़ रही है। जनगणना 2027 के पहले चरण के शुरुआती नतीजों के मुताबिक, दिल्ली की जनसंख्या अब 2.3 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। पिछले 15 सालों के दौरान शहर की आबादी में करीब 37.5 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।

जनगणना का यह पहला चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस के नाम से जाना गया। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रही और प्रगणकों ने मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया। NDMC और छावनी क्षेत्रों में यह काम 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक चला, जबकि MCD इलाकों में 16 मई से 14 जून 2026 तक सर्वे किया गया। इस दौरान मकानों की स्थिति और सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे गए।

आजादी के समय दिल्ली की तस्वीर बिल्कुल अलग थी। 1947 में यहां की आबादी सिर्फ 10 लाख के करीब थी। बंटवारे के बाद शरणार्थियों के आने से 1951 में यह आंकड़ा तेजी से बढ़कर 17.4 लाख हो गया। इसके बाद शहर लगातार विस्तार करता गया और 2011 की जनगणना में आबादी 1.68 करोड़ दर्ज की गई थी।

जिला अनुमानित आबादी
उत्तर-पूर्वी दिल्ली 28,68,949 (सबसे अधिक)
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली 25,00,195
पश्चिम दिल्ली 24,42,346
नई दिल्ली 2,44,929 (सबसे कम)

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2011 के मुकाबले आवासीय और कमर्शियल संपत्तियों में 65 फीसदी और परिवारों की संख्या में 61.36 फीसदी की वृद्धि हुई है। इस बार जनगणना में एक बड़ा बदलाव यह रहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को भी ‘शादीशुदा’ के रूप में दर्ज करने का विकल्प दिया गया।

भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त ने साफ किया है कि 2.3 करोड़ का यह आंकड़ा अभी शुरुआती है। अंतिम और सटीक आंकड़े फरवरी 2027 में दूसरे चरण की गणना के बाद आएंगे। अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी दी है कि जनगणना के नाम पर कोई भी अधिकारी ओटीपी या पैसों की मांग नहीं करेगा, ऐसे किसी भी झांसे में न आएं।