Delhi में रात की हवा भी हुई जहरीली, भारी ट्रकों और ओजोन से बढ़ा खतरा; सरकार ने जारी किए नए नियम

Delhi: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की समस्या अब सिर्फ दिन तक सीमित नहीं रही, बल्कि रात के समय भी हवा जहरीली होने लगी है। इसका मुख्य कारण रात में शहर में घुसने वाले भारी ट्रक हैं, जिससे लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है

Delhi: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की समस्या अब सिर्फ दिन तक सीमित नहीं रही, बल्कि रात के समय भी हवा जहरीली होने लगी है। इसका मुख्य कारण रात में शहर में घुसने वाले भारी ट्रक हैं, जिससे लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। इसके साथ ही दिल्ली-NCR अब ओजोन प्रदूषण का बड़ा केंद्र बन गया है, जो साल भर की समस्या बन चुका है।

रिपोर्ट के मुताबिक, रात 10 बजे से सुबह 7 बजे के बीच दिल्ली में आने वाले भारी ट्रकों की वजह से PM2.5 उत्सर्जन 61% तक बढ़ जाता है। कुल परिवहन प्रदूषण में इन ट्रकों की हिस्सेदारी 23% है। हैरानी की बात यह है कि करीब 51% ट्रक दिल्ली से खाली लौटते हैं। IIT दिल्ली और TERI ने सुझाव दिया है कि अगर 20 मुख्य टोल प्लाजा पर कड़ी निगरानी रखी जाए, तो प्रदूषण कम किया जा सकता है।

दूसरी तरफ, ओजोन प्रदूषण का खतरा भी बढ़ गया है। गर्मी और हीटवेव के दौरान इसका स्तर ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे आंखों, नाक और गले में जलन होती है और फेफड़ों की क्षमता कम होती है। CSE के विश्लेषण के अनुसार, दिल्ली-NCR में 46 रातों में ओजोन का स्तर तय मानकों से ज्यादा पाया गया। वाहनों और फैक्ट्रियों से निकलने वाली गैसें इस समस्या को और बढ़ा रही हैं।

प्रदूषण से निपटने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नए स्थायी नियम लागू किए हैं, जो हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक प्रभावी रहेंगे। इन नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

नियम/प्रतिबंध विवरण और समय सीमा
PUC सर्टिफिकेट पूरे साल वैध PUC के बिना पेट्रोल-डीजल पंपों से ईंधन नहीं मिलेगा।
बाहरी वाहन 1 नवंबर से 31 जनवरी तक BS-VI से नीचे के बाहरी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी।
पार्किंग शुल्क 1 नवंबर से 28 फरवरी तक पार्किंग फीस दोगुनी होगी (DMRC पार्किंग को छोड़कर)।
वर्क फ्रॉम होम 1 नवंबर से 31 जनवरी तक 50% कर्मचारी घर से काम करेंगे।
ऑफिस टाइमिंग MCD ऑफिस सुबह 8:30 से शाम 5:00 और दिल्ली सरकार के ऑफिस सुबह 10:00 से शाम 6:30 तक रहेंगे।
निर्माण कार्य 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल उड़ाने वाले कामों पर रोक रहेगी।
एंटी-स्मॉग गन बड़े कमर्शियल भवनों और निर्माण स्थलों पर मिस्ट सिस्टम लगाना जरूरी है।
कचरा जलाना खुले में कचरा जलाने पर पूरी रोक है, रात में ड्रोन से निगरानी होगी।

इन नियमों को लागू करने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार के पर्यावरण और परिवहन विभाग, MCD, ट्रैफिक पुलिस और तेल कंपनियों को सौंपी गई है। 1 जुलाई 2026 को दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का AQI 160 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।