Delhi: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर थाने में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां तैनात सब-इंस्पेक्टर Manish ने अपनी मर्जी से अपना पद घटाकर फिर से कांस्टेबल बनने की मांग की थी। उनकी इस अनोखी अर्जी को एडिशनल डीसीपी Sandee
Delhi: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर थाने में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां तैनात सब-इंस्पेक्टर Manish ने अपनी मर्जी से अपना पद घटाकर फिर से कांस्टेबल बनने की मांग की थी। उनकी इस अनोखी अर्जी को एडिशनल डीसीपी Sandeep Lamba ने स्वीकार कर लिया है और उन्हें कांस्टेबल के पद पर वापस भेज दिया गया है।
सब-इंस्पेक्टर ने पद क्यों छोड़ा?
Manish ने बताया कि वह पहले कांस्टेबल थे और विभागीय परीक्षा पास करके सब-इंस्पेक्टर बने थे। लेकिन प्रमोशन के बाद काम का दबाव और जिम्मेदारियां काफी बढ़ गईं। इसकी वजह से उन्हें मानसिक तनाव होने लगा और वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समय नहीं निकाल पा रहे थे। उन्होंने महसूस किया कि कांस्टेबल के पद पर रहकर वह अपनी पढ़ाई पर बेहतर ध्यान दे पाएंगे।
विभाग ने क्या कदम उठाए?
दिल्ली पुलिस के नियमों के मुताबिक जिला डीसीपी के पास अपने अधीनस्थ सब-इंस्पेक्टर को डिमोट करने का अधिकार होता है। इसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए एडिशनल डीसीपी Sandeep Lamba ने मनीष की अर्जी मंजूर की। हालांकि, पुलिस मुख्यालय ने इस पूरे मामले की एक विभागीय रिपोर्ट भी मांगी है ताकि यह पक्का किया जा सके कि इस फैसले के पीछे कोई अनुशासनात्मक या आपराधिक वजह तो नहीं है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सब-इंस्पेक्टर मनीष ने कांस्टेबल बनने का फैसला क्यों लिया?
मनीष सब-इंस्पेक्टर की पोस्ट पर बढ़ी जिम्मेदारियों और काम के बोझ की वजह से मानसिक तनाव महसूस कर रहे थे। उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समय नहीं मिल पा रहा था, इसलिए उन्होंने कांस्टेबल बनने का अनुरोध किया।
क्या दिल्ली पुलिस में खुद से पद घटाना संभव है?
हाँ, दिल्ली पुलिस के नियमों के अनुसार जिला डीसीपी के पास अपने अधीनस्थ सब-इंस्पेक्टर को डिमोट करने का अधिकार होता है, जैसा कि इस मामले में एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने किया।