Delhi Police की बढ़ी मुश्किल, ‘Sansad Chalo’ मार्च में प्रदर्शनकारियों ने इस्तेमाल किए खास मैसेजिंग ऐप्स
Delhi: राजधानी दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा आयोजित ‘Sansad Chalo’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बातचीत के लिए कुछ ऐसे ऐप्स का इस्तेमाल किया है, जिन्हें ट्रैक करना पुलिस क
Delhi: राजधानी दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा आयोजित ‘Sansad Chalo’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बातचीत के लिए कुछ ऐसे ऐप्स का इस्तेमाल किया है, जिन्हें ट्रैक करना पुलिस के लिए बहुत मुश्किल हो रहा है। ये ऐप्स बिना इंटरनेट और बिना फोन नंबर के काम करते हैं, जिससे पुलिस को यह पता लगाने में दिक्कत आ रही है कि मैसेज किसने भेजे और किसने प्राप्त किए।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने Bitchat और Briar जैसे ऐप्स का इस्तेमाल किया। ये ऐप्स Bluetooth mesh नेटवर्क पर चलते हैं, जिसका मतलब है कि मैसेज एक फोन से दूसरे फोन तक जंप करते हुए पहुँचते हैं। इसमें किसी केंद्रीय सर्वर या सिम कार्ड की जरूरत नहीं होती, इसलिए इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) या टेलीकॉम कंपनियों से डेटा निकालने का पुराना तरीका यहाँ काम नहीं कर रहा है। साइबर सेल के जांच अधिकारियों ने बताया कि Bitchat जैसे ऐप्स Bluetooth Low Energy का उपयोग करते हैं, जिससे संदेश सीधे पास के फोन पर ब्रॉडकास्ट होते हैं।
दिल्ली पुलिस इस मामले में IPDR एनालिसिस और फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का सहारा ले रही है ताकि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर कई FIR दर्ज की गई हैं। वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों के फोन की निगरानी की जा रही थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि इन ऐप्स के मैसेज एन्क्रिप्टेड होते हैं, लेकिन अधिकारी अभी भी यह ट्रैक कर सकते हैं कि कौन से डिवाइस आपस में जुड़े थे। कानूनी स्थिति की बात करें तो दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई 2024 में राष्ट्रीय सुरक्षा के कारणों से जम्मू-कश्मीर में Briar ऐप को ब्लॉक करने के फैसले को सही ठहराया था, लेकिन सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर के अनुसार इस ऐप पर पूरे देश में कोई बैन नहीं लगाया गया है।