Delhi: दिल्ली में बढ़ते साइबर क्राइम को रोकने के लिए पुलिस ने एक स्पेशल कोऑर्डिनेशन सेंटर बनाया है। यह सेंटर बैंक अकाउंट के लेन-देन पर नजर रखेगा और नई टेक्नोलॉजी की मदद से जालसाजों को पकड़ेगा। दिल्ली पुलिस ने यह कदम इसलि
Delhi: दिल्ली में बढ़ते साइबर क्राइम को रोकने के लिए पुलिस ने एक स्पेशल कोऑर्डिनेशन सेंटर बनाया है। यह सेंटर बैंक अकाउंट के लेन-देन पर नजर रखेगा और नई टेक्नोलॉजी की मदद से जालसाजों को पकड़ेगा। दिल्ली पुलिस ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि शहर में साइबर फ्रॉड के मामले साल 2015 के 700 मामलों से बढ़कर 2025 तक 16,000 तक पहुंच गए हैं।
साइबर ठगी रोकने के लिए क्या नई तैयारी की गई है?
दिल्ली पुलिस ने यह सेंटर गृह मंत्रालय (MHA) के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) की तर्ज पर बनाया है। अब पुलिस बैंक और टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगी ताकि ठगी के पैसों का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, अब 1 लाख रुपये तक के फ्रॉड के मामलों में भी e-FIR दर्ज की जा सकेगी, जिससे आम लोगों को जल्दी मदद मिलेगी।
Operation CyHawk के तहत क्या कार्रवाई हुई?
पुलिस कमिश्नर Satish Golchha के निर्देश पर ‘Operation CyHawk’ चलाया गया, जिसके नतीजे नीचे दी गई टेबल में हैं:
| विवरण |
आंकड़े |
| कुल गिरफ्तारियां |
660 लोग |
| दर्ज FIR |
499 |
| पूछताछ किए गए संदिग्ध |
8,371 से ज्यादा |
| ट्रैक किया गया पैसा |
519 करोड़ रुपये से अधिक |
| कवर किए गए राज्य/UT |
20 |
डिजिटल अरेस्ट और इंटरनेशनल गैंग पर लगाम
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसमें मास्टरमाइंड Karan Kajaria समेत 11 लोग पकड़े गए। इस गैंग ने करीब 300 करोड़ रुपये की ठगी की थी और इसके तार कंबोडिया तक जुड़े थे। इसके साथ ही पुलिस अब ‘डिजिटल अरेस्ट’ फ्रॉड से बचने के लिए एक सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बना रही है, जहाँ पीड़ित कहीं से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।