Delhi के स्कूलों में अब बच्चे रहेंगे और भी सुरक्षित, दिल्ली पुलिस ने शिक्षकों को दी POCSO एक्ट और साइबर सेफ्टी की ट्रेनिंग
Delhi: दिल्ली के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी मुहिम शुरू की है। #Smartबच्चे कैंपेन के तहत पुलिस ने मास्टर ट्रेनर्स यानी शिक्षकों के लिए एक खास ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया। इस
Delhi: दिल्ली के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी मुहिम शुरू की है। #Smartबच्चे कैंपेन के तहत पुलिस ने मास्टर ट्रेनर्स यानी शिक्षकों के लिए एक खास ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया। इस प्रोग्राम का मकसद शिक्षकों को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों और साइबर खतरों के बारे में जागरूक करना है ताकि स्कूल में बच्चों के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाया जा सके।
यह पूरी पहल दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) सरदार तरनजीत सिंह संधू के विजन के मुताबिक की जा रही है। LG ने जुलाई महीने को ‘बाल संरक्षण माह’ (Child Protection Month) के रूप में मनाने और पूरे शहर में एक महीने का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) के आदर्श ऑडिटोरियम में दो दिनों का ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (ToT) प्रोग्राम चलाया।
इस ट्रेनिंग में शिक्षकों को कई जरूरी विषयों की जानकारी दी गई, जिनमें मुख्य रूप से POCSO एक्ट 2012, स्कूल सुरक्षा और सुरक्षा गाइडलाइन्स, साइबर सेफ्टी और NCPCR के नियमों के बारे में बताया गया। ट्रेनिंग को हाइब्रिड मोड में रखा गया था, जिसमें चार अलग-अलग बैच के शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
LG ने दिल्ली के सभी स्कूलों का ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं ताकि यह देखा जा सके कि POCSO एक्ट के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। उन्होंने साफ किया है कि अगर किसी संस्थान में इन नियमों की कमी पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, स्कूलों में बच्चों और महिलाओं के साथ होने वाली छेड़खानी या उत्पीड़न के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
DCP/SPUWAC नेहा यादव ने बताया कि बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के लिए अलग-अलग विभागों और एजेंसियों का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है। अब हर स्कूल में एक समर्पित ‘बाल संरक्षण समिति’ (Child Protection Committee) का होना अनिवार्य होगा, जो नियमित रूप से बैठकें करेगी और स्कूल के माहौल की निगरानी करेगी। इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षा निदेशालय (DoE) और SCERT भी दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।