Delhi Police का #Smartबच्चे अभियान, रोहिणी में 151 स्कूलों की छात्राओं को सिखाए सुरक्षा के गुर

Delhi: दिल्ली पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे #Smartबच्चे अभियान के तहत एक बड़ा कदम उठाया है। रोहिणी के शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज में एक मेगा काउंसलिंग सेशन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य

Delhi: दिल्ली पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे #Smartबच्चे अभियान के तहत एक बड़ा कदम उठाया है। रोहिणी के शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज में एक मेगा काउंसलिंग सेशन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बेटियों को सुरक्षित माहौल देना और उनके भविष्य को बेहतर बनाना था, जिसके लिए ‘Safe Girl Child and Secure Future’ थीम रखी गई थी।

इस कार्यक्रम में दिल्ली के 151 अलग-अलग स्कूलों से 400 से ज्यादा छात्राओं ने हिस्सा लिया। दिल्ली पुलिस की DCP बाहरी उत्तर की टीम ने इन लड़कियों को पर्सनल सेफ्टी, साइबर सुरक्षा, कानूनी जागरूकता और सेल्फ डिफेंस के बारे में विस्तार से बताया। इसका मकसद यह था कि युवा लड़कियां जागरूक बनें और किसी भी मुश्किल स्थिति में अपना बचाव करने का आत्मविश्वास जुटा सकें।

यह पूरा आयोजन जुलाई महीने में चलाए जा रहे ‘चाइल्ड प्रोटेक्शन मंथ’ का हिस्सा है। दिल्ली पुलिस इस अभियान के जरिए शहर के करीब 16,600 संस्थानों तक पहुँच रही है, जिनमें 5,633 स्कूल, 10,897 आंगनवाड़ी केंद्र और 88 बाल देखभाल संस्थान शामिल हैं।

एलजी तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि बच्चों की सुरक्षा के ये इंतजाम सिर्फ एक महीने के अभियान तक सीमित न रहें, बल्कि इन्हें स्कूलों और संस्थानों का स्थायी हिस्सा बनाया जाए। इसी कड़ी में जुलाई के अंत तक दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों में ‘चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटी’ बनाने का आदेश दिया गया है।

सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए स्कूलों में एक खास स्टूडेंट सेफ्टी चेकलिस्ट लागू की जा रही है, जो NCPCR, DCPCR और POCSO एक्ट के नियमों पर आधारित है। साथ ही, शिक्षकों और स्टाफ को POCSO एक्ट की ट्रेनिंग दी जा रही है। दिल्ली पुलिस ने हर जिले में एक Additional DCP को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया है जो POCSO से जुड़े मामलों की निगरानी करेंगे।

13 जुलाई 2026 से विशेष जांच टीमों ने स्कूलों का निरीक्षण भी शुरू कर दिया है। इन टीमों में अभिभावक, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और दिल्ली पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। ये टीमें अगले दो महीनों तक स्कूलों में POCSO गाइडलाइन्स और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के पालन की जांच करेंगी।