Delhi: दिल्ली पुलिस में हाल ही में हुए ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस महकमे के अंदर इस बात की चर्चा तेज है कि तबादलों में पक्षपात किया गया है। कई अधिकारियों का मानना है कि नियमों को ताक पर रखकर कुछ
Delhi: दिल्ली पुलिस में हाल ही में हुए ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस महकमे के अंदर इस बात की चर्चा तेज है कि तबादलों में पक्षपात किया गया है। कई अधिकारियों का मानना है कि नियमों को ताक पर रखकर कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाया गया है, जिससे फील्ड में काम करने वाले पुलिसकर्मियों के मनोबल पर बुरा असर पड़ा है।
तबादलों में क्या है पूरा विवाद और आरोप
पुलिस विभाग में आरोप लग रहे हैं कि कुछ पसंदीदा अधिकारियों को बार-बार SHO बनाया जा रहा है, जबकि कई योग्य इंस्पेक्टर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कुछ अधिकारियों को बिना किसी विभागीय जांच या गलती के उनके कार्यकाल से पहले ही हटा दिया गया। वहीं, कुछ ऐसे इंस्पेक्टर अब भी तैनात हैं जिनके थानों में CBI और विजिलेंस की रेड हो चुकी है, लेकिन उन्हें पद से नहीं हटाया गया।
तबादलों की तारीखें और मुख्य आंकड़े
| तारीख |
विवरण |
| 1 मार्च 2026 |
8 IPS अधिकारियों को ‘लुक आफ्टर’ चार्ज के साथ पोस्टिंग |
| 3 मार्च 2026 |
IPS अधिकारियों समेत 70 अधिकारियों का बड़ा फेरबदल |
| 15 अप्रैल 2026 |
39 इंस्पेक्टरों का प्रशासनिक फेरबदल, कई SHO बदले गए |
| 16 अप्रैल 2026 |
39 थानों में नए SHO की तैनाती, 10 का थाना बदला गया |
| 18 अप्रैल 2026 |
39 थानों में नए SHO की तैनाती की दूसरी लिस्ट जारी |
क्या कहते हैं दिल्ली पुलिस के नियम
पुलिस के स्टैंडिंग ऑर्डर के मुताबिक एक SHO का कार्यकाल 2 साल और TI का कार्यकाल 3 साल का होना चाहिए। जनवरी 2026 में नए नियम आए थे कि संवेदनशील पदों जैसे ‘चिट्ठा मुंशी’ और ड्यूटी ऑफिसर पर किसी को एक साल से ज्यादा नहीं रखा जाएगा। साथ ही, फरवरी 2022 में पूर्व कमिश्नर राकेश अस्थाना ने आदेश दिया था कि तबादलों में राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करने वालों पर विभागीय कार्रवाई होगी और उनका सर्विस रिकॉर्ड खराब किया जाएगा।