Delhi में जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन के दौरान फायरिंग की खबरें निकलीं झूठी, पुलिस ने जारी किया अलर्ट

Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैल रही थीं। दिल्ली पुलिस ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की तरफ से न तो कोई फा

Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैल रही थीं। दिल्ली पुलिस ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की तरफ से न तो कोई फायरिंग हुई और न ही पत्थरबाजी की गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जांचे-परखे किसी भी खबर पर भरोसा न करें और न ही उसे शेयर करें।

पुलिस ने X (ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए साफ किया कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, वे जंतर मंतर के नहीं हैं। इन वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है ताकि आम जनता को गुमराह किया जा सके। पुलिस के मुताबिक, इस तरह की गलत जानकारी फैलाने से शहर में डर और भ्रम का माहौल बन सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने एक बड़े साजिश का खुलासा भी किया है। पुलिस ने बताया कि करीब 480 ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की गई है जो पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे। ये अकाउंट्स जानबूझकर गलत खबरें फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। डीसीपी सुमित झा ने वीडियो संदेश में इन विदेशी अकाउंट्स को ब्लॉक करने की बात कही है।

वहीं, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर भी अपडेट आया है। 23 जुलाई को जंतर मंतर के पास हुई पत्थरबाजी में दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एसीपी जय प्रकाश और विवेक भगत घायल हो गए थे, जिनके माथे पर चोट आई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। साथ ही, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि क्या हिंसा के पीछे कोई बड़ी साजिश थी। इसके लिए कॉल रिकॉर्ड और मोबाइल टावर डेटा की जांच की जा रही है।

बता दें कि यह प्रदर्शन Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में हो रहा है, जिसमें नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की थी, जिसके तहत बिना अनुमति पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक थी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि जो लोग जानबूझकर फर्जी वीडियो या खबरें फैलाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।