Delhi: चांदनी चौक के 104 साल पुराने श्री शिव नव गृह मंदिर से चोरी हुई भगवान शनिदेव की प्राचीन अष्टधातु मूर्ति को दिल्ली पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले को महज 48 घंटों के भीतर सुलझाते हुए मुख्य आरोपी और एक क
Delhi: चांदनी चौक के 104 साल पुराने श्री शिव नव गृह मंदिर से चोरी हुई भगवान शनिदेव की प्राचीन अष्टधातु मूर्ति को दिल्ली पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले को महज 48 घंटों के भीतर सुलझाते हुए मुख्य आरोपी और एक कबाड़ी महिला को गिरफ्तार किया है। यह कामयाबी शनि जयंती से ठीक पहले मिली है, जिससे मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान समय पर हो सकेंगे।
कैसे हुई चोरी और पुलिस ने कैसे पकड़ा चोर
चोरी की यह घटना 11 और 12 मई 2026 की दरमियानी रात करीब 3:30 बजे हुई थी। मंदिर के पुजारी मुकेश शर्मा ने 12 मई को ई-एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली की एक स्पेशल टीम बनाई गई। पुलिस ने इलाके के 300 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके बाद मुख्य आरोपी दिलशाद उर्फ बंटा (45) को 14 मई की रात गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 15 मई की सुबह कबाड़ी महिला गीता कुमारी को पकड़ा गया।
क्या-क्या सामान हुआ बरामद और कितनी थी कीमत
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई सभी वस्तुएं बरामद कर ली हैं। मुख्य आरोपी ने यह कीमती मूर्ति और अन्य सामान कबाड़ी महिला को मात्र 3,800 रुपये में बेच दिया था। बरामद सामान की लिस्ट नीचे दी गई है:
- भगवान शनिदेव की अष्टधातु मूर्ति (कीमत लगभग 5 से 6 लाख रुपये)
- एक पीतल का छत्र
- एक गदा
- एक पीतल की प्लेट
- दो पीतल के दीप स्टैंड
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पकड़ा गया मुख्य आरोपी दिलशाद यमुना बाजार का रहने वाला है और वह पुराना अपराधी है। उसके खिलाफ चोरी, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के 15 मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं, गिरफ्तार कबाड़ी महिला गीता कुमारी भी पहले एक चोरी के मामले में शामिल रही है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मूर्ति मंदिर को सौंप दी जाएगी, जहां विधि-विधान से इसकी स्थापना होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
चांदनी चौक के मंदिर से क्या-क्या चोरी हुआ था
मंदिर से भगवान शनिदेव की अष्टधातु की प्राचीन मूर्ति, एक पीतल का छत्र, गदा, पीतल की प्लेट और दो दीप स्टैंड चोरी हुए थे। मूर्ति की कीमत करीब 5 से 6 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा
दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने 300 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया, जिससे मुख्य आरोपी दिलशाद और कबाड़ी महिला गीता कुमारी की पहचान हुई और उन्हें गिरफ्तार किया गया।