Delhi Police के 215 से ज्यादा जवान तबादले के बाद लापता, नई तैनाती पर नहीं पहुंचे
Delhi: राजधानी की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली दिल्ली पुलिस में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस कमिश्नर की एक बैठक में पता चला है कि 215 से ज्यादा पुलिसकर्मी तबादला होने के बाद अपनी नई यूनिट में ड्यूटी जॉइ
Delhi: राजधानी की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली दिल्ली पुलिस में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस कमिश्नर की एक बैठक में पता चला है कि 215 से ज्यादा पुलिसकर्मी तबादला होने के बाद अपनी नई यूनिट में ड्यूटी जॉइन करने नहीं पहुंचे। ये जवान अपनी पुरानी जगह से रिलीव तो हो गए, लेकिन नई जगह रिपोर्ट नहीं किया, जिससे वे सिस्टम से बाहर हो गए हैं।
यह पूरा मामला 2 जुलाई 2026 को पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा की अध्यक्षता में हुई एक समन्वय बैठक के दौरान खुला। बैठक की रिपोर्ट 3 जुलाई को सामने आई। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय भाटिया ने बताया कि ये जवान पुराने जिले से रिलीव होने के बाद नई यूनिट में आमद कराने नहीं पहुंचे। सबसे बड़ी बात यह है कि दिल्ली पुलिस मुख्यालय को भी यह साफ नहीं है कि ये जवान अभी कहां तैनात हैं और इन्हें वेतन किस यूनिट से मिल रहा है।
पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को तुरंत इस स्थिति को स्पष्ट करने और पूरी व्यवस्था की समीक्षा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार पर भी सख्त रुख अपनाया है। कमिश्नर ने निर्देश दिया है कि जो भी पुलिसकर्मी रिश्वत लेते पकड़े जाएंगे या भ्रष्टाचार में शामिल होंगे, उनकी विभागीय जांच अधिकतम तीन महीने के भीतर पूरी की जाए।
बैठक में ‘अनौपचारिक अटैचमेंट’ की पुरानी प्रथा पर भी चर्चा हुई। अक्सर देखा गया है कि पुलिसकर्मी वेतन एक जिले से लेते हैं लेकिन सालों तक किसी दूसरे अधिकारी के साथ तैनात रहते हैं। कमिश्नर ने इसे गलत बताते हुए इस व्यवस्था को खत्म करने और नियमित जांच करने को कहा है।
बता दें कि जून 2026 में दिल्ली पुलिस ने एक नए सॉफ्टवेयर के जरिए पारदर्शिता बरतते हुए 4,889 कर्मियों का बड़े पैमाने पर तबादला किया था। साथ ही जनवरी 2026 से नए नियम लागू हुए हैं, जिसके तहत संवेदनशील पदों जैसे ड्यूटी ऑफिसर, ट्रैफिक डिवीजन और बटालियन के ड्यूटी रोस्टर बनाने वाले कर्मियों को एक साल से ज्यादा एक ही जगह नहीं रखा जाएगा।