Delhi: दिल्ली पुलिस ने चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन को वापस दिलाने के लिए ‘Operation Vishwas’ चलाया है। इस मुहिम के तहत पुलिस ने पिछले 45 दिनों में 19,000 से ज्यादा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हाल ही में North-We
Delhi: दिल्ली पुलिस ने चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन को वापस दिलाने के लिए ‘Operation Vishwas’ चलाया है। इस मुहिम के तहत पुलिस ने पिछले 45 दिनों में 19,000 से ज्यादा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हाल ही में North-West जिला पुलिस ने 740 फोन उनके असली मालिकों को सौंपे हैं, जिससे लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा है।
Operation Vishwas क्या है और कैसे काम करता है
यह दिल्ली पुलिस की एक खास पहल है जिसका मकसद खोए हुए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ढूंढकर उनके मालिकों तक पहुंचाना है। इसमें सरकार के CEIR पोर्टल का इस्तेमाल किया गया है। यह एक ऐसा डेटाबेस है जहाँ मोबाइल के IMEI नंबर के जरिए फोन को ब्लॉक और ट्रैक किया जाता है, जिससे फोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
रिकवरी रेट में कितनी बढ़ोतरी हुई
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, मोबाइल रिकवरी की रफ्तार में बड़ा उछाल आया है। साल 2024 में रिकवरी रेट सिर्फ 5% था, जो 2025 में बढ़कर 12% हुआ और अब 2026 में यह 74% तक पहुंच गया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर Satish Golcha ने बताया कि उनका लक्ष्य सिर्फ शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि सामान को वापस दिलाना है।
LG और पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा
लेफ्टिनेंट गवर्नर Taranjit Singh Sandhu ने इस काम की तारीफ करते हुए कहा कि यह तकनीक और पुलिस की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन से जोड़ते हुए बताया कि तकनीक से आम जनता को सशक्त बनाया जा रहा है। 12 मई 2026 को दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में हुए एक कार्यक्रम में 12,600 से ज्यादा फोन लौटाए गए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Operation Vishwas के तहत अब तक कितने फोन बरामद हुए हैं
दिल्ली पुलिस ने पिछले 45 दिनों के भीतर 19,000 से अधिक चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
चोरी हुए मोबाइल को ट्रैक करने के लिए किस तकनीक का इस्तेमाल हुआ
पुलिस ने सरकारी CEIR पोर्टल का उपयोग किया है, जो IMEI नंबर के जरिए मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रैक करने में मदद करता है।