Delhi: दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0’ चलाकर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 5 मई से 7 मई 2026 के बीच सिर्फ 48 घंटों में दिल्ली और NCR समेत पांच राज्यों से 482 बदमाशों को दबोचा गया। इस पूरे अभि
Delhi: दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0’ चलाकर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 5 मई से 7 मई 2026 के बीच सिर्फ 48 घंटों में दिल्ली और NCR समेत पांच राज्यों से 482 बदमाशों को दबोचा गया। इस पूरे अभियान में पुलिस की 1,000 से ज्यादा टीमों ने एक साथ छापेमारी की, जिसका मकसद संगठित अपराध और देश विरोधी गतिविधियों को रोकना था।
इस ऑपरेशन में किन गैंग और नेटवर्क को निशाना बनाया गया?
पुलिस ने इस कार्रवाई में पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क को तोड़ा है, जिसे ISI का समर्थन मिलने की खबर है। इस नेटवर्क के 9 गुर्गों को पकड़ा गया है, जिनमें से कुछ पुलिसकर्मियों पर हमले और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की योजना बना रहे थे। इसके अलावा कपिल सांगवान, संदीप काला जठेड़ी, नीरज बवाना और गोगी जैसे करीब 30 बड़े गैंग्स के सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया है।
छापेमारी कहां हुई और क्या-क्या सामान बरामद हुआ?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और जिला इकाइयों ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 1,014 ठिकानों पर रेड मारी। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार और नशीले पदार्थ जब्त किए गए। बरामद सामान की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| बरामद सामान |
मात्रा/संख्या |
| पिस्तौल |
130-141 |
| कारतूस |
212-214 |
| चाकू |
79 |
| वाहन |
24-34 |
| नकद राशि |
₹19 लाख से ₹99 लाख |
| मोबाइल फोन |
31 |
| नशीले पदार्थ |
19-90 किलोग्राम |
| अवैध शराब |
700-1,234 यूनिट |
यह ऑपरेशन कैसे प्लान किया गया?
स्पेशल सेल के एडिशनल कमिश्नर प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि यह ऑपरेशन जनवरी 2026 में हुए ‘गैंग बस्ट 1.0’ की रणनीतियों को और बेहतर बनाकर चलाया गया। इसमें शूटरों, हथियार सप्लाई करने वालों और सोशल मीडिया के जरिए गैंग चलाने वाले हैंडलर्स को पकड़ने पर जोर दिया गया। कई अपराधी सोशल मीडिया के जरिए ही विदेशी गैंगस्टरों के संपर्क में आकर अपराध कर रहे थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0 कब से कब तक चला?
यह ऑपरेशन 5 मई 2026 की सुबह 8 बजे शुरू हुआ और 7 मई 2026 की सुबह 8 बजे तक चला, यानी कुल 48 घंटे तक कार्रवाई की गई।
शहजाद भट्टी नेटवर्क के गुर्गे क्या योजना बना रहे थे?
पकड़े गए 9 गुर्गों में से 5 लोग कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के काम में लगे थे और वे पुलिसकर्मियों पर हमला करने की साजिश रच रहे थे।