Delhi Police की NSA शक्तियां 18 अक्टूबर तक बढ़ीं, CJP के NEET विरोध प्रदर्शनों के बीच लिया गया फैसला

Delhi: दिल्ली पुलिस को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत मिली निवारक हिरासत (preventive detention) की शक्तियों को 18 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। यह फैसला दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने मंजूरी दी ह

Delhi: दिल्ली पुलिस को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत मिली निवारक हिरासत (preventive detention) की शक्तियों को 18 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। यह फैसला दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने मंजूरी दी है। इस आदेश के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार अब कानून के तहत जरूरी कार्रवाई कर सकेंगे।

यह कदम ऐसे समय में आया है जब Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा NEET पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके के नेतृत्व में यह आंदोलन चल रहा है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई है। बीते सोमवार को जब हजारों प्रदर्शनकारी ‘चलो संसद’ मार्च के जरिए संसद पहुंचे, तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें दोनों पक्षों को चोटें आईं।

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि NSA शक्तियों का यह विस्तार एक रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया है जो हर तीन महीने में की जाती है। पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि यह रिन्यूअल ऑर्डर 7 जुलाई 2026 को ही जारी हो गया था और इसका CJP के विरोध प्रदर्शनों से कोई सीधा संबंध नहीं है, क्योंकि यह प्रक्रिया प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही तय थी।

NSA कानून के तहत पुलिस को यह अधिकार मिलता है कि अगर किसी व्यक्ति की गतिविधियां राज्य की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हों, तो उसे बिना किसी तुरंत आपराधिक मुकदमे के 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है। इस तरह की हिरासत की समीक्षा एक एडवाइजरी बोर्ड द्वारा की जाती है।

दूसरी तरफ, CJP ने 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। वहीं, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) ने विश्वविद्यालयों को सलाह दी है कि वे छात्रों को परीक्षा विवादों से जुड़े इन प्रदर्शनों में शामिल न होने के लिए समझाएं।