Delhi: दिल्ली पुलिस अब अपराधों को रोकने और अपराधियों को पकड़ने के लिए नई टेक्नोलॉजी का सहारा लेगी। इसके लिए दिल्ली पुलिस और NIELIT के बीच एक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस पहल का मकसद पुलिस की काम करने की क्षमता क
Delhi: दिल्ली पुलिस अब अपराधों को रोकने और अपराधियों को पकड़ने के लिए नई टेक्नोलॉजी का सहारा लेगी। इसके लिए दिल्ली पुलिस और NIELIT के बीच एक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस पहल का मकसद पुलिस की काम करने की क्षमता को बढ़ाना और साइबर अपराधों से लड़ने के लिए पुलिसकर्मियों को बेहतर ट्रेनिंग देना है।
इस समझौते में क्या खास है
यह समझौता 26 मई 2026 को दिल्ली पुलिस कमिश्नर की मौजूदगी में पूरा हुआ। इस पर स्पेशल सीपी (ट्रेनिंग) संजय कुमार और NIELIT के कुलपति डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी ने साइन किए। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) भी शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाना है।
आम जनता को क्या फायदा होगा
इस पार्टनरशिप से दिल्ली पुलिस की साइबर जांच करने की ताकत बढ़ेगी। पुलिसकर्मियों को आधुनिक ट्रेनिंग मिलेगी जिससे वे इंटरनेट और कंप्यूटर के जरिए होने वाले फ्रॉड और क्राइम को जल्दी सुलझा पाएंगे। इससे शहर में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी और साइबर अपराधियों पर नकेल कसी जा सकेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली पुलिस और NIELIT के बीच समझौता क्यों हुआ?
यह समझौता टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन पुलिसिंग को मजबूत करने, पुलिसकर्मियों को स्पेशल ट्रेनिंग देने और साइबर जांच की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए किया गया है।
इस MoU पर किन अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए?
इस समझौते पर स्पेशल सीपी (ट्रेनिंग) संजय कुमार और NIELIT के कुलपति डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी ने हस्ताक्षर किए।