Delhi: दिल्ली पुलिस अब हाई-टेक अपराधों से निपटने के लिए खुद को तैयार कर रही है। पुलिस ने National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT) के साथ एक समझौता (MoU) किया है। इसका मकसद पुलिस अधिकारियों
Delhi: दिल्ली पुलिस अब हाई-टेक अपराधों से निपटने के लिए खुद को तैयार कर रही है। पुलिस ने National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT) के साथ एक समझौता (MoU) किया है। इसका मकसद पुलिस अधिकारियों को नई टेक्नोलॉजी सिखाना है ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर क्राइम को आसानी से सुलझाया जा सके।
इस समझौते में पुलिस क्या-क्या सीखेगी?
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारियों को कई आधुनिक विषयों की जानकारी दी जाएगी। इसमें मुख्य रूप से Artificial Intelligence (AI), Cybersecurity और Cyber Forensics जैसे कोर्स शामिल हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया की निगरानी और डिजिटल डेटा के विश्लेषण की ट्रेनिंग भी दी जाएगी ताकि अपराधी डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए पकड़े जा सकें।
क्यों पड़ी इस ट्रेनिंग की जरूरत?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आज के दौर में सिर्फ पुराने तरीकों से केस सुलझाना काफी नहीं है। डिजिटल युग में अपराध करने के तरीके बदल गए हैं, इसलिए पुलिस का भी अपडेट होना जरूरी है। यह कदम ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड, पहचान की चोरी (Identity Theft) और गलत जानकारियों (Misinformation) को रोकने में मदद करेगा।
किन अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ साइन?
यह समझौता 26 मई 2026 को हुआ। इस मौके पर पुलिस कमिश्नर Satish Golchha मौजूद थे। दिल्ली पुलिस की तरफ से Special CP Sanjay Kumar और NIELIT की तरफ से वाइस चांसलर Dr. Madan Mohan Tripathi ने इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली पुलिस और NIELIT के बीच समझौता क्यों हुआ?
यह समझौता दिल्ली पुलिस की जांच क्षमताओं को बढ़ाने के लिए हुआ है। इससे पुलिसकर्मी AI और साइबर फॉरेंसिक जैसी नई तकनीक सीखकर ऑनलाइन अपराधों और डिजिटल धोखाधड़ी को बेहतर तरीके से रोक सकेंगे।
इस ट्रेनिंग में कौन-कौन से विषय शामिल हैं?
ट्रेनिंग में Artificial Intelligence, Cybersecurity, Cyber Forensics, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और परसेप्शन मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी विषय शामिल किए गए हैं।