Delhi: दिल्ली पुलिस ने शहर को नशा मुक्त बनाने के लिए ‘Nasha – Not Cool’ नाम से एक खास अभियान शुरू किया है। इस मुहिम को बढ़ावा देने के लिए पूर्व क्रिकेटर Zaheer Khan आगे आए हैं और लोगों को नशे से दूर रहने का स
Delhi: दिल्ली पुलिस ने शहर को नशा मुक्त बनाने के लिए ‘Nasha – Not Cool’ नाम से एक खास अभियान शुरू किया है। इस मुहिम को बढ़ावा देने के लिए पूर्व क्रिकेटर Zaheer Khan आगे आए हैं और लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया है। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए Zaheer Khan का धन्यवाद किया है ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा इस मुहिम से जुड़ सकें।
क्या है दिल्ली पुलिस की ‘Nasha – Not Cool’ मुहिम
दिल्ली पुलिस ने 24 अप्रैल 2026 से एक हफ्ते का जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान की शुरुआत 23 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर Satish Golchha ने एक रैप सॉन्ग लॉन्च करके की थी। यह पूरा प्रोग्राम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी और ‘नशा मुक्त भारत’ मिशन के तहत चलाया जा रहा है। इस मुहिम को दिल्ली के एलजी और गृह मंत्रालय का पूरा समर्थन मिला हुआ है।
स्कूलों और मोहल्लों में कैसे चलाया जा रहा है अभियान
इस कैंपेन के तहत दिल्ली के 550 से ज्यादा स्कूलों के करीब एक लाख छात्रों ने नशे के खिलाफ शपथ ली। शिक्षा निदेशालय की डायरेक्टर Veditha Reddy ने भी इसमें मदद की। इसके अलावा, दिल्ली पुलिस की Anti-Narcotics Task Force (ANTF) ने स्कूलों में जाकर छात्रों और शिक्षकों को जागरूक किया। 25 अप्रैल को शहर के 9 नशा मुक्ति केंद्रों और जेजे क्लस्टर्स में वॉलीबॉल, रस्साकशी और दौड़ जैसी खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं ताकि युवाओं को खेल की ओर मोड़ा जा सके।
अभियान को लोगों तक पहुँचाने के तरीके
दिल्ली पुलिस इस संदेश को घर-घर पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया, रेडियो और सिनेमा हॉल का इस्तेमाल कर रही है। पुलिस का मकसद है कि आम लोग और खासकर युवा नशे के खतरों को समझें और एक स्वस्थ जीवन चुनें। इस मुहिम में पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ समाज के प्रभावशाली लोग भी अपना योगदान दे रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Nasha – Not Cool अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान 24 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ, जिसकी औपचारिक घोषणा और रैप सॉन्ग लॉन्च 23 अप्रैल को किया गया था।
इस मुहिम में युवाओं को जोड़ने के लिए क्या किया गया?
550 स्कूलों के एक लाख छात्रों ने शपथ ली और नशा मुक्ति केंद्रों व जेजे क्लस्टर्स में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।