Delhi: दिल्ली पुलिस के नारकोटिक्स सेल (Dwarka) में तैनात इंस्पेक्टर सुभाष चंद को सीबीआई (CBI) ने रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई से उनकी जमानत याचिका पर जवाब मांगा है। य
Delhi: दिल्ली पुलिस के नारकोटिक्स सेल (Dwarka) में तैनात इंस्पेक्टर सुभाष चंद को सीबीआई (CBI) ने रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई से उनकी जमानत याचिका पर जवाब मांगा है। यह पूरा मामला एक महिला की शिकायत से शुरू हुआ था जिसने रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाया था।
इंस्पेक्टर सुभाष चंद पर क्या हैं आरोप?
उत्तम नगर की एक रहने वाली महिला ने शिकायत की थी कि नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों ने उसे ड्रग्स केस में न फंसाने के बदले रिश्वत मांगी थी। सीबीआई की जांच में यह बात सामने आई कि इंस्पेक्टर सुभाष चंद और कांस्टेबल अजय कुमार इस मामले में शामिल थे। सीबीआई ने छापेमारी के दौरान इंस्पेक्टर के ऑफिस से 48.9 लाख रुपये कैश बरामद किए थे।
कोर्ट की कार्यवाही और सीबीआई की मांग
स्पेशल सीबीआई जज विजेता सिंह रावत ने 20 मई 2026 को सीबीआई को निर्देश दिया कि वे जमानत याचिका पर अपना जवाब दाखिल करें और इसकी कॉपी आरोपी के वकील को भी दें। इससे पहले 13 मई को सीबीआई ने आरोपी की पुलिस कस्टडी मांगी थी क्योंकि आरोप है कि उन्होंने सबूत मिटाने के लिए अपना मोबाइल फोन नष्ट कर दिया था। सीबीआई इस बात की जांच करना चाहती है कि फोन को किस तरह और कहां नष्ट किया गया।
मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
इस केस में पहले कांस्टेबल अजय कुमार को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उनके पास से काफी कैश और कीमती सामान मिला था। इंस्पेक्टर सुभाष चंद कुछ दिनों तक फरार रहे, जिसके बाद सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और उनके वकील रमेश गुप्ता, भारत चुघ और शैलेंद्र सिंह उनकी जमानत के लिए पैरवी कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इंस्पेक्टर सुभाष चंद को क्यों गिरफ्तार किया गया था?
उन पर एक महिला से रिश्वत मांगने का आरोप था ताकि उसे नारकोटिक्स केस में न फंसाया जाए। सीबीआई ने उनके ऑफिस से 48.9 लाख रुपये कैश भी बरामद किए थे।
सीबीआई ने कोर्ट से और क्या मांग की थी?
सीबीआई ने आरोपी की पुलिस कस्टडी मांगी थी ताकि उस जगह की पहचान की जा सके जहां उन्होंने सबूत मिटाने के लिए अपना मोबाइल फोन नष्ट किया था।