Delhi में 3 करोड़ की रिश्वत मामले में फंसे इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह को झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
Delhi: दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को उनकी नियमित और अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह पूरा मामला नकली दवाओं के के
Delhi: दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को उनकी नियमित और अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह पूरा मामला नकली दवाओं के केस की जांच में हेरफेर करने के लिए 3 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोपों से जुड़ा है।
स्पेशल जज (CBI) सुशांत चांगोट्रा ने जमानत याचिका ठुकराते हुए कहा कि आरोपी की भूमिका काफी गंभीर है और अभी जांच चल रही है, इसलिए इस स्तर पर जमानत देना सही नहीं होगा। सीबीआई ने कोर्ट में दलील दी कि इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह ने पुडुचेरी के बिजनेसमैन एन. राजा से रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 1 करोड़ रुपये लिए थे।
इस मामले में केवल इंस्पेक्टर ही नहीं, बल्कि 2012 बैच के हरियाणा कैडर के IPS अधिकारी दीपक गहलावत भी आरोपी हैं, जिन्हें 1 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि दीपक गहलावत ने नकली दवाओं के केस में ‘फेवरेबल’ जांच के लिए 3 करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसमें 1.5 करोड़ रुपये एडवांस मांगे गए थे।
सीबीआई की जांच और कार्रवाई की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य आरोपी | एन. राजा (पुडुचेरी के बिजनेसमैन) |
| गिरफ्तार अधिकारी | इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और IPS दीपक गहलावत |
| कुल रिश्वत राशि | 3 करोड़ रुपये |
| बरामद राशि | 25 लाख (ट्रैप मनी) और 90 लाख रुपये |
| FIR की तारीख | 8 जून 2026 |
| बिचौलिए | राजकुमार और प्रभात कपूर |
कोर्ट में बचाव पक्ष के सीनियर वकील अवि सिंह और उनकी टीम ने दलील दी कि सीबीआई केवल सह-आरोपियों के बयानों पर भरोसा नहीं कर सकती। उन्होंने यह भी कहा कि इंस्पेक्टर के घर से मिले 40 लाख रुपये उनकी अपनी कानूनी कमाई है और 25 लाख रुपये की रिश्वत वाली बात गलत है। हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी।