Delhi: ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल 2,873 लोगों की पहचान, 989 के खिलाफ हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर केस दर्ज
Delhi: दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों की पहचान करने के लिए बड़ा अभियान चलाया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से 2,873
Delhi: दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों की पहचान करने के लिए बड़ा अभियान चलाया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से 2,873 लोगों को पहचाना है। इनमें से 989 लोग ऐसे मिले हैं जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई उन लोगों को पकड़ने के लिए की गई जो आंदोलन की आड़ में हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे थे। 20 जुलाई को हुए इस प्रदर्शन में काफी हंगामा हुआ था, जिसमें 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 65 प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। इस मामले में अब तक 15 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें दंगा करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
पहचाने गए अपराधियों के रिकॉर्ड में कई गंभीर मामले सामने आए हैं, जिनका विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| अपराध का प्रकार | मामलों की संख्या |
|---|---|
| हत्या | 101 |
| हत्या का प्रयास | 62 |
| डकैती और लूट | 284 |
| बलात्कार | 61 |
| अपहरण | 19 |
| आर्म्स एक्ट | 229 |
| NDPS एक्ट (नशीले पदार्थ) | 67 |
| महिलाओं के खिलाफ अपराध | 25 |
| POCSO एक्ट | 6 |
पुलिस ने बताया कि इनमें से कई लोग आदतन अपराधी हैं और कुछ के खिलाफ तो 10 से ज्यादा केस दर्ज हैं। दूसरी तरफ, CJP ने अपनी 36 दिनों की मांगें पूरी होने के बाद प्रदर्शन वापस ले लिया था, लेकिन अब उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि अगर मंगलवार तक प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस नहीं ली गईं, तो वे फिर से विरोध शुरू करेंगे।
इस पूरे मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। 28 जुलाई को कोर्ट पुलिस की कार्रवाई और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पेलेट गन के इस्तेमाल पर सुनवाई करेगा। वहीं, वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने उन छात्रों को कानूनी मदद देने की बात कही है जो इस पुलिस कार्रवाई में फंसे हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि FIR वापस लेने का फैसला केवल सरकार के आदेश और उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद ही होगा।