Delhi के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच 400 अपराधी पहचान लिए, दिल्ली पुलिस ने FRS तकनीक का किया इस्तेमाल

Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस ने हाई-टेक निगरानी का सहारा लिया है। पुलिस ने दावा किया है कि फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए 20 से 24 जुलाई के बीच करीब 400 ऐसे

Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस ने हाई-टेक निगरानी का सहारा लिया है। पुलिस ने दावा किया है कि फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए 20 से 24 जुलाई के बीच करीब 400 ऐसे लोगों की पहचान की गई है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में इस संख्या को 2,500 से ज्यादा भी बताया गया है।

पुलिस सूत्रों ने साफ किया है कि यह सिस्टम आम प्रदर्शनकारियों या छात्रों की जासूसी के लिए नहीं लगाया गया है। इसका असली मकसद उन वांछित अपराधियों, भगोड़ों और हिस्ट्रीशीटरों को पकड़ना है जो भीड़ का फायदा उठाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। खुफिया अलर्ट मिले थे कि सीमा पार से आतंकी तत्वों की नजर इन प्रदर्शनों पर हो सकती है, इसलिए सुरक्षा के तौर पर यह कदम उठाया गया।

इस पूरी निगरानी के लिए ‘इक्शाना’ नाम के एक मोबाइल कमांड वाहन का उपयोग किया गया। इसमें 360-डिग्री कैमरे और फेशियल रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर लगा है, जिसे CP Plus कंपनी ने तकनीकी सहयोग दिया है। पुलिस ने बताया कि इस तकनीक का इस्तेमाल पहले भी गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, ईद और रामलीला जैसे बड़े आयोजनों में किया जा चुका है।

फिलहाल पुलिस उन पहचाने गए लोगों की जांच कर रही है कि क्या वे किसी हिंसा या उपद्रव में शामिल थे। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस अब इस नेटवर्क को पूरे शहर में फैलाने की तैयारी में है। आने वाले समय में बाजारों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और मेट्रो स्टेशनों जैसे संवेदनशील इलाकों में भी ऐसे FRS कैमरे लगाए जाएंगे। हालांकि, इस निगरानी सिस्टम को लेकर निजता और कानूनी नियमों पर सवाल उठ रहे हैं, जिस वजह से यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है।