Delhi: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा रची गई एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। शहजाद भट्टी मॉड्यूल के जरिए दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर हमले की योजना
Delhi: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा रची गई एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। शहजाद भट्टी मॉड्यूल के जरिए दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर हमले की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने 48 घंटे चले ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ के तहत इस मॉड्यूल से जुड़े 9 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मंदिर और अन्य जगहों पर हमले की क्या थी योजना
जांच में पता चला है कि आतंकी मॉड्यूल ने दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर को अपना मुख्य निशाना बनाया था और उसकी तस्वीरें पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजी थीं। इसके अलावा दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर एक मशहूर ढाबे पर हैंड ग्रेनेड से हमला करने की तैयारी थी ताकि लोगों में डर पैदा किया जा सके। हिसार में एक मिलिट्री कैंप की रेकी भी की गई थी और उसके वीडियो पाकिस्तान भेजे गए थे। मंदिर की सुरक्षा में तैनात जवानों को भी मारने की योजना थी।
कैसे काम करता था शहजाद भट्टी मॉड्यूल
यह मॉड्यूल ISI के इशारे पर काम करने वाला एक प्रॉक्सी नेटवर्क था। यह गैंग सोशल मीडिया के जरिए लोगों को भर्ती करता था। पकड़े गए आरोपियों का काम संवेदनशील जगहों की रेकी करना, IP-आधारित CCTV कैमरे लगाना और हथियार व नशीले पदार्थों की डिलीवरी को मैनेज करना था। गिरफ्तार किए गए 9 लोगों में से एक आरोपी जम्मू-कश्मीर के राजौरी से है। ये सभी लोग सोशल मीडिया के जरिए सीधे शहजाद भट्टी और पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे।
उत्तर भारत में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की साजिश
पुलिस के मुताबिक इस मॉड्यूल को उत्तर भारत और दिल्ली-NCR इलाके में सुरक्षा कर्मियों पर रैंडम फायरिंग करने का काम सौंपा गया था। दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों की रेकी पूरी हो चुकी थी जिससे संकेत मिलता है कि आतंकी हमला अंतिम चरण में था। इससे पहले मार्च और अप्रैल 2026 में भी इस गिरोह से जुड़े हरमनदीप सिंह, राजवीर और विवेक बंजारा जैसे लोगों को पकड़ा गया था जो टारगेट किलिंग और ग्रेनेड हमलों की योजना बना रहे थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शहजाद भट्टी मॉड्यूल क्या है और इसका मकसद क्या था?
यह ISI द्वारा संचालित एक नेटवर्क है जो सोशल मीडिया के जरिए भर्ती करता है। इसका मकसद दिल्ली के मंदिरों, सुरक्षा बलों और महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले कर दहशत फैलाना था।
दिल्ली पुलिस ने इस ऑपरेशन में कितने लोगों को पकड़ा है?
7 और 8 मई 2026 के बीच स्पेशल सेल ने ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ के तहत 9 आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है।