Delhi: जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है झूठ, दिल्ली पुलिस ने जारी किया अलर्ट

Delhi: जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर कई तरह की गलत खबरें और फर्जी तस्वीरें वायरल हो रही हैं। दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताते हुए आम जनता के लिए एक अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने

Delhi: जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर कई तरह की गलत खबरें और फर्जी तस्वीरें वायरल हो रही हैं। दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताते हुए आम जनता के लिए एक अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने साफ किया है कि कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाने के लिए फर्जी ग्राफिक्स और खबरें साझा कर रहे हैं, जिस पर अब सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि एक फर्जी ग्राफिक वायरल किया गया जिसमें दावा किया गया था कि जंतर मंतर प्रदर्शन के दौरान एक महिला हेड कांस्टेबल की मौत हो गई। पुलिस ने इस खबर को पूरी तरह मनगढ़ंत बताया है। असल में वह महिला पुलिसकर्मी जीवित हैं और उनकी हालत स्थिर है, फिलहाल उनका इलाज Ram Manohar Lohia (RML) Hospital में चल रहा है और वह खतरे से बाहर हैं।

इसके अलावा पुलिस ने कुछ अन्य वायरल दावों की भी सच्चाई बताई है। एक दावा किया गया था कि एक महिला अधिकारी ने अपने होने वाले बच्चे को खो दिया, जिसे पुलिस ने गलत बताया। पुलिस के अनुसार वह अधिकारी विवाहित या गर्भवती नहीं हैं, हालांकि उन्हें चोटें आई थीं और उनका इलाज चल रहा है। साथ ही Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke की मौत की खबर वाली अखबार की कटिंग को भी फर्जी बताया गया है। पुलिस ने पुष्टि की है कि वह पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं।

एक अन्य वीडियो में एक व्यक्ति ने खुद को दिल्ली पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताया और कहा कि उसने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए इस्तीफा दे दिया है। जांच के बाद पुलिस ने पाया कि आधिकारिक रिकॉर्ड में ऐसा कोई अधिकारी मौजूद ही नहीं है।

इसी बीच 24 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने जंतर मंतर पर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करने की सहमति दी है। चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने मीडिया के उन दावों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने सुनवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक कोई औपचारिक याचिका दाखिल नहीं हुई थी, केवल एक आवेदन दिया गया था।

दूसरी तरफ, केंद्र सरकार के आश्वासनों के बाद एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk ने अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल खत्म कर दी है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनवेरिफाइड जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक चैनलों से मिली खबरों को ही सच मानें।