Delhi: दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के मुख्य साजिशकर्ता Prabhdeep Singh उर्फ Harry को अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 12 दिनों की प
Delhi: दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के मुख्य साजिशकर्ता Prabhdeep Singh उर्फ Harry को अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 12 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। यह पूरा मामला 338 किलो ड्रग्स की बरामदगी से जुड़ा है।
Prabhdeep Singh कौन है और उसे कैसे पकड़ा गया?
Prabhdeep Singh पर जुलाई 2021 के एक ड्रग केस में आरोप हैं, जिसमें करीब 358 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई थी। उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, जिसके बाद उसे जुलाई 2023 में अजरबैजान में हिरासत में लिया गया। CBI, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सहयोग से दिल्ली पुलिस की एक तीन सदस्यीय टीम बाकू (अजरबैजान) गई और उसे वापस भारत लेकर आई।
पुलिस हिरासत में क्या होगी जांच?
स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर Akhand Pratap Singh ने कोर्ट में बताया कि Prabhdeep Singh एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क चलाता था, जिसका मास्टरमाइंड उसका चचेरा भाई Navpreet Singh उर्फ Nav है, जो तुर्की में रहता है। पुलिस को उसके पास से एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद करना है और उन अन्य साथियों की पहचान करनी है जो इस धंधे में शामिल थे। यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है, इसलिए पुलिस को अलग-अलग जगहों पर जाकर जांच करनी होगी।
कोर्ट में क्या दलीलें दी गईं?
बचाव पक्ष के वकील ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला पांच साल पुराना है और अब डिवाइस बरामद करने के लिए हिरासत की जरूरत नहीं है। हालांकि, स्पेशल जज Jitendra Prasad Singh ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 12 दिन की कस्टडी मंजूर कर ली। अब Prabhdeep Singh को 25 मई को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Prabhdeep Singh को अजरबैजान से क्यों लाया गया?
Prabhdeep Singh पर 2021 के एक ड्रग केस में 338 किलो से ज्यादा हेरोइन की तस्करी का आरोप है। वह अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का मुख्य आयोजक था, इसलिए उसे रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए अजरबैजान से प्रत्यर्पित किया गया।
इस ड्रग रैकेट का मास्टरमाइंड कौन है?
जांच के अनुसार, इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड Navpreet Singh उर्फ Nav है, जो Prabhdeep का चचेरा भाई है और विदेश (संभावित तुर्की) में बैठकर यह काम संचालित करता था।