Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पुलिस भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वाले एक बहुत बड़े और हाई-टेक सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर और तकनीक का इस्तेमाल करके कांस्टेबल और हेड कांस्
Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पुलिस भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वाले एक बहुत बड़े और हाई-टेक सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर और तकनीक का इस्तेमाल करके कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल की परीक्षाओं में नकल कराई। इस मामले में पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने उम्मीदवारों से लाखों रुपये वसूले थे।
यह रिमोट कंट्रोल नकल रैकेट कैसे काम करता था?
यह गिरोह AnyDesk और Ammy Admin जैसे रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता था। परीक्षा केंद्र के कंप्यूटरों को हैक करके एक ‘डिजिटल ब्रिज’ बनाया जाता था, जिससे बाहर बैठे एक्सपर्ट्स पेपर हल करते थे। इस काम के लिए IIT, NIT और DTU जैसे बड़े संस्थानों के छात्र सॉल्वर के तौर पर काम करते थे, जिन्हें हर सही सवाल के 500 से 1000 रुपये मिलते थे। कुछ मामलों में जवाब ढूंढने के लिए Google और ChatGPT की मदद भी ली गई।
गिरफ्तारी और नेटवर्क का विस्तार
दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग छापेमारी में कई लोगों को पकड़ा है। गिरफ्तार लोगों में पुलिसकर्मी, परीक्षा केंद्र के अधीक्षक और मास्टरमाइंड हर्ष वर्धन शामिल हैं। यह पूरा नेटवर्क सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका जाल कई राज्यों में फैला हुआ था।
| तारीख |
घटनाक्रम |
गिरफ्तारी/कार्रवाई |
| 13 अप्रैल 2026 |
हाई-टेक नकल रैकेट का खुलासा |
3 पुलिसकर्मी और 13 अन्य लोग |
| 12 अप्रैल 2026 |
एसएससी परीक्षा धांधली |
4 पुलिसकर्मी और 12 अन्य लोग |
| 8-10 अप्रैल 2026 |
द्वारका ऑनलाइन परीक्षा हैकिंग |
मास्टरमाइंड हर्ष वर्धन और 32 छात्र |
अभ्यर्थियों से कितनी वसूली हुई और SSC ने क्या कदम उठाए?
इस सिंडिकेट ने भोले-भाले उम्मीदवारों से 10 से 15 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूली। जमानत के तौर पर अभ्यर्थियों से उनके असली एडमिट कार्ड और मार्कशीट भी जमा कराए जाते थे। इस खुलासे के बाद SSC ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अब परीक्षाओं में आधार सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जा रहा है।