Delhi: दिल्ली पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने GST धोखाधड़ी के दो बड़े मामलों को सुलझा लिया है। पुलिस ने फर्जी कंपनियों (shell companies) के एक ऐसे जाल का पर्दाफाश किया है, जो अलग-अलग बैंक खातों के जरिए पैसों की
Delhi: दिल्ली पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने GST धोखाधड़ी के दो बड़े मामलों को सुलझा लिया है। पुलिस ने फर्जी कंपनियों (shell companies) के एक ऐसे जाल का पर्दाफाश किया है, जो अलग-अलग बैंक खातों के जरिए पैसों की हेराफेरी कर रहे थे। इस पूरे खेल में जालसाजों ने आम लोगों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करके करोड़ों रुपये का वित्तीय अपराध किया है।
GST फ्रॉड का तरीका क्या था?
जांच में सामने आया कि अपराधी लोगों के PAN कार्ड और पहचान पत्र चुराकर फर्जी GST रजिस्ट्रेशन करवाते थे। इसके बाद वे बंद हो चुकी कंपनियों या पुराने रिकॉर्ड्स का इस्तेमाल कर फर्जी बिल बनाते थे। इस तरीके से वे सरकार से गलत तरीके से Input Tax Credit (ITC) का दावा कर रहे थे। पुलिस अब डिजिटल फुटप्रिंट और बैंकिंग लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है।
पहले भी हुआ था 141 करोड़ का घोटाला
EOW ने मई की शुरुआत में भी एक बहुत बड़ा नेटवर्क पकड़ा था, जिसमें करीब 141 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। इस मामले के कुछ मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
| पीड़ित/केस |
धोखाधड़ी की राशि |
तरीका |
| 63 वर्षीय महिला |
99.8 करोड़ रुपये |
PAN और पुरानी फर्म का गलत इस्तेमाल |
| North Delhi कारोबारी |
32 करोड़ रुपये |
फर्जी बिजनेस एंटिटी बनाना |
| Karol Bagh फर्म |
9.8 करोड़ रुपये |
फर्जी खरीद-बिक्री की एंट्री |
पुलिस का मानना है कि यह किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का काम है जो व्यवस्थित तरीके से टैक्स चोरी और धोखाधड़ी कर रहा था। इस मामले में धोखाधड़ी, साजिश और जालसाजी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
GST फ्रॉड में Input Tax Credit (ITC) का गलत इस्तेमाल कैसे होता है?
धोखाधड़ी करने वाले लोग फर्जी कंपनियां बनाते हैं और बिना किसी असली सामान की बिक्री के फर्जी बिल जारी करते हैं। इन बिलों के आधार पर वे सरकार से टैक्स रिफंड या ITC का दावा करते हैं, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान होता है।
आम आदमी अपने PAN कार्ड के गलत इस्तेमाल से कैसे बच सकता है?
अपने PAN और आधार जैसे दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें। समय-समय पर अपने टैक्स पोर्टल और GST रिकॉर्ड की जांच करते रहें कि आपके नाम पर कोई फर्जी फर्म तो नहीं खुली है।