Finance : दिल्ली पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने GST के नाम पर चल रहे दो बड़े फर्जी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इन गिरोहों ने करीब 140 करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन किए थे। पुलिस ने इस मामले में एक Chartered Accoun
Finance : दिल्ली पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने GST के नाम पर चल रहे दो बड़े फर्जी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इन गिरोहों ने करीब 140 करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन किए थे। पुलिस ने इस मामले में एक Chartered Accountant (CA) समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने फर्जी इनवॉइस और गलत रिटर्न भरकर सरकार के टैक्स पैसों में बड़ी हेराफेरी की थी।
कैसे किया गया फर्जीवाड़ा और कौन हुए गिरफ्तार?
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी कंपनियां बनाईं और जाली दस्तावेज इस्तेमाल कर भारी मात्रा में Input Tax Credit (ITC) क्लेम किया। Additional CP रवि कुमार सिंह ने बताया कि 24 मार्च को R K Enterprises नाम की एक फर्जी फर्म की शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया था। इस रैकेट में शामिल गिरफ्तार लोगों की लिस्ट नीचे दी गई है:
- CA Atul Gupta
- Raj Kumar Dixit
- Dilip Kumar
- Vibhash Kumar Mitra
- Amar Kumar
- Nitin Verma
- Mohd Waseem
- Abid
किन कंपनियों के नाम पर हुआ खेल?
जांच में दो मुख्य फर्मों के नाम सामने आए हैं। पहली फर्म R K Enterprises थी, जिसे एक ऐसे व्यक्ति के कागजात इस्तेमाल कर बनाया गया था जिसे GST विभाग में नौकरी का लालच दिया गया था। इस फर्म ने 128 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन किया और करीब 10 करोड़ रुपये का फर्जी ITC लिया। दूसरी फर्म Swastik Enterprises थी, जिसके मालिक Yashashwee Sharma थे। उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर बिना उनकी जानकारी के 28.4 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए।
CA Atul Gupta की भूमिका क्या थी?
पुलिस जांच में पता चला कि CA Atul Gupta ने अपनी फर्म का इस्तेमाल कर कई कंपनियों के नाम पर GST रिटर्न फाइल किए। इसमें कुछ असली कंपनियां भी शामिल थीं, जिन्हें इस धोखाधड़ी की कोई जानकारी नहीं थी। EOW ने बैंक ट्रांजेक्शन, ईमेल आईडी और डिजिटल सबूतों की जांच कर इस पूरे नेटवर्क को पकड़ा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
R K Enterprises ने कैसे धोखाधड़ी की?
इस फर्म को एक मासूम व्यक्ति के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर बनाया गया था, जिसे नौकरी का झांसा दिया गया था। इस फर्म के जरिए 128 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ और 10 करोड़ रुपये का फर्जी टैक्स क्रेडिट लिया गया।
इस मामले में कुल कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
दिल्ली पुलिस की EOW ने इस फर्जीवाड़े में कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें CA अतुल गुप्ता और राज कुमार दीक्षित जैसे मुख्य साजिशकर्ता शामिल हैं।