Delhi: दिल्ली पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने एक बड़े GST धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने फर्जी बिल और गलत तरीके से Input Tax Credit (ITC) क्लेम करके करीब 128 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया। पुलि
Delhi: दिल्ली पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने एक बड़े GST धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने फर्जी बिल और गलत तरीके से Input Tax Credit (ITC) क्लेम करके करीब 128 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया। पुलिस ने इस मामले में 15 मई 2026 को छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
कैसे किया गया यह बड़ा फर्जीवाड़ा?
जांच में सामने आया कि यह गैंग फर्जी कंपनियां (Shell Companies) बनाकर काम कर रहा था। इन्होंने बिना किसी सामान या सर्विस की सप्लाई के फर्जी बिल जारी किए। सितंबर 2025 में एक अनजान व्यक्ति के कागजात का इस्तेमाल कर ‘M/s R.K. Enterprises’ नाम की एक फर्जी फर्म बनाई गई। पुलिस के मुताबिक, इस काम के लिए करीब 50 से 250 फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया था।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और क्या हुआ बरामद?
इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड Raj Kumar Dixit और उसका साथी Dilip Kumar बताया जा रहा है। पुलिस ने कुल छह लोगों को पकड़ा है, जिनमें राज कुमार दीक्षित, अमर कुमार, विभाश कुमार मित्रा, नितिन वर्मा, मोहम्मद वसीम और आबिद शामिल हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस को काफी कुछ मिला है, जिसकी लिस्ट नीचे दी गई है:
| बरामद सामान |
विवरण |
| नकद राशि |
51.12 लाख रुपये |
| इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स |
15 मोबाइल फोन और 2 लैपटॉप |
| दस्तावेज |
फर्जी स्टैम्प, जाली कागजात और फर्जी बिल |
| अन्य |
कई सिम कार्ड और 2 कारें |
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
Additional Police Commissioner Ravi Kumar Singh ने बताया कि यह मामला 24 मार्च 2026 को EOW थाने में दर्ज किया गया था। आरोपियों ने फर्जी पहचान और जाली दस्तावेजों के जरिए GST रजिस्ट्रेशन लिया था। करीब 10 करोड़ रुपये का गलत ITC क्लेम किया गया। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फायदा उठाने वालों की तलाश कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
GST धोखाधड़ी में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
दिल्ली पुलिस की EOW ने इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मुख्य मास्टरमाइंड राज कुमार दीक्षित भी शामिल है।
इस घोटाले में कुल कितनी रकम का फर्जीवाड़ा हुआ है?
इस गिरोह ने फर्जी बिलिंग के जरिए करीब 128 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन किया और लगभग 10 करोड़ रुपये का गलत Input Tax Credit (ITC) क्लेम किया।