Delhi में 18 करोड़ के बैंक फ्रॉड का आरोपी गिरफ्तार, 9 साल से फरार चल रहा था संजीव दीक्षित

Delhi: दिल्ली पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने 18 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक अपराधी संजीव दीक्षित उर्फ संजय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया ह

Delhi: दिल्ली पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने 18 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक अपराधी संजीव दीक्षित उर्फ संजय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी पिछले नौ सालों से पुलिस की पकड़ से बाहर था और कोर्ट द्वारा ‘घोषित अपराधी’ (proclaimed offender) घोषित किया जा चुका था।

यह पूरा मामला साल 2013 का है, जब विवेक विहार इलाके में उषा रानी सेठी नाम की महिला की प्रॉपर्टी के कागजात फर्जी बनाए गए थे। आरोपी संजीव दीक्षित ने संजीव गांधी नाम से अपनी पहचान बदलकर सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में धोखाधड़ी की और 16 फरवरी 2013 को एक फर्जी सेल डीड तैयार करवाई। इस फर्जी कागजात के दम पर उसने कई बैंकों से भारी रकम का लोन लिया, जो बाद में चुकाया नहीं गया और बैंक खातों में NPA बन गया।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने साथियों सचिन भारद्वाज और अन्य लोगों के साथ मिलकर इस साजिश को रचा था। बैंकों से लिए गए पैसों को छिपाने के लिए शेल कंपनियों और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया ताकि पैसों के लेन-देन का पता न चल सके।

विवरण जानकारी
कुल धोखाधड़ी 18 करोड़ रुपये से अधिक
मुख्य आरोपी संजीव दीक्षित उर्फ संजय शर्मा
FIR नंबर 253/2013 (EOW थाना)
धोखाधड़ी का तरीका फर्जी सेल डीड और पहचान बदलना
प्रभावित बैंक Chinatrust Commercial Bank और अन्य
गिरफ्तारी की तारीख 27 जून 2026

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने सबसे पहले Connaught Place स्थित Chinatrust Commercial Bank से 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। इसके बाद उसने अन्य बैंकों से 5 करोड़ की कैश क्रेडिट लिमिट, 3 करोड़ की एक और कैश क्रेडिट लिमिट और 70 लाख रुपये का कार लोन लिया। दिल्ली पुलिस की EOW टीम अब इस मामले में अन्य आरोपियों और पैसों के लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है।