Delhi में मुहर्रम के ताजिया जुलूस पर पुलिस की पैनी नजर, ड्रोन और फेस रिकग्निशन तकनीक का होगा इस्तेमाल

Delhi: राजधानी दिल्ली में मुहर्रम के मौके पर शुक्रवार को निकलने वाले ताजिया जुलूस के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध लोगों की पहचान करने के लिए इस बार ड्रोन और आधुनिक तकनी

Delhi: राजधानी दिल्ली में मुहर्रम के मौके पर शुक्रवार को निकलने वाले ताजिया जुलूस के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध लोगों की पहचान करने के लिए इस बार ड्रोन और आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा। जुमे की नमाज के बाद दोपहर तीन बजे से जुलूस शुरू होगा, जिसे लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) राहुल अलवल ने बताया कि सुरक्षा के लिए 1100 स्थानीय पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय से 20 कंपनियों के अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मांग की गई है। खास बात यह है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में 14 ड्रोन और चेहरा पहचानने वाली (Face Recognition) तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।

पुलिस ने जुलूस के लिए कुछ सख्त नियम तय किए हैं जिनका पालन करना जरूरी है। ताजिया की कुल ऊंचाई, जिसमें मंच भी शामिल है, 16 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। जुलूस केवल तय किए गए रास्तों पर और निर्धारित समय के भीतर ही निकाला जाएगा। डीजे बजाने और हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। आयोजकों को निर्देश दिया गया है कि वे सभा स्थलों पर जनरेटर और रोशनी का इंतजाम खुद करें और साथ चलने वाले स्वयंसेवकों के पास पहचान पत्र होना अनिवार्य है।

दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी तैयारियां तेज हैं। संतकबीरनगर पुलिस ने निगरानी के लिए 175 सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन तैनात किए हैं। वहीं सीतापुर के खैराबाद क्षेत्र में डीएम और एसपी ने देर रात रूट मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उत्तर पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने भी अमन कमेटियों और स्थानीय निवासियों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। पुलिस सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर भी कड़ी नजर रखेगी।