Delhi में फूड डिलीवरी बैन की खबरें निकलीं झूठी, पुलिस ने जारी किया स्पष्टीकरण
Delhi: नई दिल्ली जिले में ऐप के जरिए खाना मंगवाने यानी फूड डिलीवरी सर्विस पर बैन लगाए जाने की खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही थीं। दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है। पुलिस
Delhi: नई दिल्ली जिले में ऐप के जरिए खाना मंगवाने यानी फूड डिलीवरी सर्विस पर बैन लगाए जाने की खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही थीं। दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है। पुलिस ने साफ किया है कि ऐसी कोई भी पाबंदी नहीं लगाई गई है और लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।
दरअसल, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी की थी। यह एडवाइजरी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत जारी की गई थी। जंतर मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा NEET पेपर लीक के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के कारण कानून व्यवस्था और भीड़ को देखते हुए यह कदम उठाया गया था। पुलिस ने केवल यह सलाह दी थी कि लोग अधिसूचित क्षेत्रों (notified areas) में जाने वाले रास्तों से बचें।
पुलिस ने Swiggy और Zomato जैसे डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स और राइड-हेलिंग सेवाओं से अपील की थी कि वे प्रतिबंधित जोन में अपने कामकाज को रेगुलेट करें। इसका मकसद डिलीवरी पार्टनर्स और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना था, न कि सेवाओं को पूरी तरह बंद करना। हालांकि, इस बात को लेकर गलतफहमी फैल गई कि फूड डिलीवरी पर बैन लग गया है।
इस बीच कुछ रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि पुलिस उन रेस्टोरेंट्स पर नजर रख रही है जो विरोध स्थल पर खाना पहुंचा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस फेंके हुए फूड रैपर्स के जरिए रेस्टोरेंट्स की पहचान कर रही है और उनसे पूछताछ कर रही है। कुछ दुकानदारों को मुफ्त खाना या बिना वेरिफिकेशन के बड़े ऑर्डर न भेजने की सलाह दी गई है। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है, जहां समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इसे ‘फूडबंदी’ करार दिया है, वहीं CJP प्रवक्ता सौरव दास ने इसे जंतर मंतर की घेराबंदी बताया है।