Delhi: दिल्ली पुलिस अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। गृह मंत्रालय की एक बड़ी योजना के तहत पुलिस के करीब 90 हजार कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड को डिजिटल किया जा रहा है। अब पुलिसकर्मियों की जानकारी कागजी फाइलों में नहीं,
Delhi: दिल्ली पुलिस अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। गृह मंत्रालय की एक बड़ी योजना के तहत पुलिस के करीब 90 हजार कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड को डिजिटल किया जा रहा है। अब पुलिसकर्मियों की जानकारी कागजी फाइलों में नहीं, बल्कि e-HRMS सिस्टम के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
e-HRMS क्या है और इससे क्या फायदा होगा?
इलेक्ट्रॉनिक मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (e-HRMS) एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे पुलिसकर्मियों की ‘डिजिटल कुंडली’ कहा जा रहा है। इसके जरिए भर्ती से लेकर रिटायरमेंट तक का पूरा हिसाब एक जगह रहेगा। इससे कागजी काम कम होगा और जानकारी निकालना आसान हो जाएगा। पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने कहा कि इससे बल में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
पुलिसकर्मियों के रिकॉर्ड में क्या-क्या जानकारी होगी?
हर पुलिसकर्मी को एक ‘यूनिक आईडी’ दी जाएगी। इस आईडी के जरिए उनकी पूरी प्रोफाइल देखी जा सकेगी। इसमें मुख्य रूप से ये जानकारियां शामिल होंगी:
- शिक्षा और विभागीय अनुभव
- विशेषज्ञता और ट्रेनिंग का रिकॉर्ड
- अनुशासनात्मक रिकॉर्ड और जांच की स्थिति
- छुट्टी और प्रतिपूर्ति (Reimbursement) का विवरण
ट्रांसफर और पोस्टिंग में कैसे आएगा बदलाव?
इस डिजिटल सिस्टम से ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया अब ज्यादा साफ-सुथरी होगी। अधिकारियों को यह आसानी से पता चल जाएगा कि कौन सा कर्मचारी कितने समय से किसी खास या वीआईपी पोस्टिंग पर तैनात है। इससे पसंदीदा पोस्टिंग में होने वाले पक्षपात पर रोक लगेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट की कमान आईपीएस भरत रेड्डी संभाल रहे हैं, जबकि तकनीकी मदद NIC और DoPT दे रहे हैं।