Delhi में CJP का संसद मार्च, पुलिस ने नहीं दी अनुमति; सुरक्षा बढ़ाई, हिरासत में लिए जाने की चेतावनी

Delhi: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई 2026 को संसद मार्च निकालने का फैसला किया है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसे अनुमति देने से साफ मना कर दिया है। पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए कोई आधिकारिक परमिशन नहीं मांगी गई

Delhi: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई 2026 को संसद मार्च निकालने का फैसला किया है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसे अनुमति देने से साफ मना कर दिया है। पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए कोई आधिकारिक परमिशन नहीं मांगी गई थी। दूसरी तरफ, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ किया है कि विरोध प्रदर्शन अपनी योजना के मुताबिक ही होगा।

दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों और ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए इस मार्च को रोकने का फैसला किया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाएगा। जंतर-मंतर और संसद के आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। साथ ही, वहां बैरिकेडिंग कर दी गई है और गाड़ियों की सघन जांच हो रही है। संसद के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिससे चार या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने और बिना अनुमति जुलूस निकालने पर रोक है।

CJP की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने पुलिस के दावों को गलत बताया है। उनका कहना है कि पार्टी ने पुलिस अधिकारियों को मौखिक रूप से इस मार्च के बारे में बता दिया था, लेकिन प्रशासन इसे अनुमति देने के पक्ष में नहीं था। CJP ने अब अपनी मांग बदलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की है, जबकि पहले यह मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के लिए थी।

इस आंदोलन के बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 18 जुलाई को मेडिकल सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। CJP ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने वांगचुक के साथ दुर्व्यवहार किया और प्रदर्शनकारियों पर हमला किया। अभिजीत दीपके ने वांगचुक के अस्पताल जाने के बाद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इस मार्च में किसान नेता राकेश टिकैत और कुछ वामपंथी छात्र संगठन भी शामिल हो सकते हैं।